संजय पाटीदार, भोपाल। मध्यप्रदेश के लोक निर्माण विभाग में करोड़ों रुपये के कामों को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जिन सड़कों की मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेदारी अभी ठेकेदारों पर थी, उन्हीं सड़कों के लिए विभाग के इंजीनियरों ने दोबारा निर्माण और व्हाइट टॉपिंग के प्रस्ताव भेज दिए। मामला करीब 140 करोड़ रुपये का है। अब विभाग ने 9 इंजीनियरों और अधिकारियों को नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब तलब किया है।

लोक निर्माण विभाग की जांच में खुलासा हुआ है कि भोपाल, रायसेन, ग्वालियर, नर्मदापुरम, मंदसौर और मुरैना जिले की 19 ऐसी सड़कों के लिए नए निर्माण और मरम्मत के प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजे गए, जो अभी परफॉर्मेंस गारंटी अवधि में हैं। नियमों के मुताबिक इस अवधि में सड़क की मरम्मत और रखरखाव का खर्च संबंधित ठेकेदार या निर्माण एजेंसी को उठाना होता है।इसके बावजूद विभाग के अधिकारियों ने करीब 140 करोड़ रुपये के नए कार्यो के प्रस्ताव तैयार कर प्रशासकीय स्वीकृति के लिए भेज दिए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इनमें अधीक्षण यंत्री योगेंद्र कुमार द्वारा भोपाल-रायसेन क्षेत्र की 8 सड़कों पर 51.65 करोड़ रुपये की व्हाइट टॉपिंग के प्रस्ताव भेजे गए, जबकि राकेश निगम ने 3 सड़को के लिए 27.50 करोड़ रुपये, भोपाल से कार्यपालन यंत्री एस.आर. परते ने 3 सड़कों के लिए 19.03 करोड़ रुपये और  ए.के. जैन ने तत्कालीन प्रभारी अधीक्षण यंत्री ग्वालियर ने  के लिए 13.56 करोड़ रुपये की 1 सड़क गांधी रोड बनाने का प्रस्ताव दिया। 

इसी तरह ओमहरि शर्मा ने भी यही प्रस्ताव भेजा था, मंदसौर से पूर्व कार्यपालन यंत्री आदित्य सोनी ने 5.20 करोड़ की 2 सडकें,  रायसेन से कार्यपालन यंत्री पी.के. झा ने 5.12 करोड़ की 1 सड़क , नर्मदापुरम से अधीक्षण यंत्री सुभाष पाटिल ने 1.12 करोड़ की 2 सड़क और मुरैना से कार्यपालन यंत्री संजय रायकवार द्वारा 1.11 करोड़ रुपए की 2 सडके भी  निर्माण और मरम्मत के प्रस्ताव भेजे गए थे। अब विभाग इन सभी अधिकारियों से स्पष्टीकरण लेकर आगे की कार्रवाई करेगा।

मामला सामने आने के बाद विभाग ने 9 अधिकारियों और इंजीनियरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सभी से 15 दिन के भीतर जवाब मांगा गया है…पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता संजय मस्के के मुताबिक संबंधित सड़कों पर व्हाइट टॉपिंग और निर्माण के प्रस्ताव स्वीकृत भी हो गए थे, लेकिन बाद में पता चला कि सड़कें अभी परफॉर्मेंस गारंटी अवधि में हैं। यदि अधिकारियों के जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए तो उनके खिलाफ विभागीय जांच और आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मध्यप्रदेश के मंदसौर में राज्य सरकार ने लोक निर्माण विभाग के मंदसौर के पूर्व कार्यपालन यंत्री आदित्य सोनी को नोटिस जारी किया हे। इस मामले में जब लल्लूराम डॉट कॉम की टीम ने मंदसौर के वर्तमान कार्यपालन यंत्री नितेश सुलिया से बात की तो उन्होंने कहा कि मामला जरूर हमारे संज्ञान में आया है और मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी मिली है। लेकिन राज्य शासन की ओर से फिलहाल मुझे ऐसा कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। यह जरूर जानकारी में है कि मंदसौर की दो सड़कों का प्रस्ताव भेजा गया था जो परफॉर्मेंस गारंटी की थी अगर शासन से कोई पत्र मिलता है तो उसके बाद पूरे मामले को दिखवाता हूं।

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