सतीश सिंह, लखनऊ. रक्षाबंधन पर बहनों को भाइयों तक पहुंचने में किराए की चिंता न रहे, इसके लिए योगी आदित्यनाथ सरकार वर्ष 2017 से लगातार निशुल्क बस यात्रा की सुविधा दे रही है. सरकार बनने के बाद से अब तक नौ रक्षाबंधन पर कुल 2.01 करोड़ से अधिक निशुल्क टिकट जारी किए गए हैं. इन टिकटों के किराए के सापेक्ष सरकार ने करीब 188.41 करोड़ रुपये की राशि महिलाओं और उनके सहयात्रियों को उपहार स्वरूप दी है.
परिवहन निगम के आंकड़ों के अनुसार, 2017 में शुरू हुई इस पहल के तहत पहले वर्ष 11.16 लाख महिला यात्रियों ने लाभ लिया. इसके बाद संख्या में उतार-चढ़ाव के साथ निरंतर वृद्धि हुई. 2018 में 11.69 लाख, 2019 में 12.04 लाख, 2020 में 7.36 लाख, 2021 में 9.63 लाख, 2022 में 22.32 लाख, 2023 में 29.29 लाख और 2024 में 19.78 लाख महिलाओं ने निशुल्क यात्रा की.
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वर्ष 2025 में सुविधा का दायरा बढ़ाते हुए महिला के साथ एक सहयात्री को भी निशुल्क यात्रा का लाभ दिया गया. 8 अगस्त सुबह छह बजे से 10 अगस्त मध्यरात्रि तक कुल 66 घंटे की अवधि में लगभग 63.14 लाख महिला यात्री और 15.11 लाख से अधिक सहयात्री इस योजना का लाभ उठा सके. इस दौरान 78.26 लाख से अधिक निशुल्क टिकट जारी हुए, जिनका कुल किराया मूल्य करीब 86.98 करोड़ रुपये रहा.
सरकार की प्रमुख योजनाओं में शामिल
यूपीएसआरटीसी प्रधान प्रबंधक (संचालन) अनिल कुमार ने कहा कि 2017 में शुरू हुई निशुल्क बस यात्रा की पहल अब रक्षाबंधन पर योगी सरकार की प्रमुख जनसुविधाओं में शामिल हो चुकी है. नौ वर्षों में 2.01 करोड़ से अधिक निशुल्क टिकट और 188.41 करोड़ रुपये के किराए के समतुल्य लाभ इस योजना के व्यापक असर को दर्शाते हैं. विभाग भविष्य में भी इस दिशा में पूरी तत्परता से काम करता रहेगा.
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गौतलब है कि रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में महिलाएं अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए दूसरे शहरों और गांवों की यात्रा करती हैं. मुफ्त बस यात्रा उन्हें आर्थिक राहत देती है, खासकर सामान्य और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए. सरकारी बसों में अतिरिक्त बसों और फेरों की व्यवस्था से त्योहार के समय आवागमन को भी सुगम बनाने का प्रयास किया जाता है.

