हिमाचल प्रदेश के कसौली में हरियाणा शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 'निपुण 2.0 नेतृत्व सम्मेलन' संपन्न हुआ। इसमें हिसार सहित राज्यभर के शिक्षा अधिकारियों ने भाग लिया।
काजल, हिसार। शिक्षा विभाग हरियाणा द्वारा हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत क्षेत्र कसौली में आयोजित किए गए तीन दिवसीय ‘निपुण 2.0 नेतृत्व सम्मेलन’ का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। इस उच्च स्तरीय सम्मेलन में राज्य एवं जिला स्तर के शीर्ष शिक्षा अधिकारियों, प्रमुख शैक्षणिक नेतृत्वकर्ताओं तथा अनुभवी शिक्षा विशेषज्ञों ने विशेष रूप से भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रबुद्ध प्रतिभागियों ने मिलकर निपुण हरियाणा मिशन की वर्तमान उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की। इसके साथ ही स्कूली बच्चों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता (FLN) को और अधिक सुदृढ़ तथा व्यावहारिक बनाने के लिए भविष्य की नई रणनीतियों एवं प्राथमिकताओं पर व्यापक विचार-विमर्श किया।
शैक्षणिक रिपोर्ट का हुआ विमोचन
इस महत्वपूर्ण सम्मेलन का सबसे प्रमुख आकर्षण ‘टीचिंग एंड लर्निंग प्रैक्टिसेज़ स्टडी हरियाणा’ की विशेष रिपोर्ट का विमोचन एवं उस पर आधारित विस्तृत चर्चा रही। यह महत्वपूर्ण अध्ययन राज्य के सरकारी विद्यालयों में कक्षा-कक्ष की आंतरिक प्रक्रियाओं, विद्यार्थियों की दैनिक सहभागिता, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों तथा शैक्षणिक सहयोग तंत्र की वास्तविक स्थिति का सटीक आकलन करने के उद्देश्य से किया गया था। इस व्यापक अध्ययन के निष्कर्षों में यह पूरी तरह से स्पष्ट हुआ है कि हरियाणा राज्य ने बच्चों की आधारभूत शिक्षा के क्षेत्र में धरातल पर उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है, जो भविष्य के लिए अच्छे संकेत हैं।
शिक्षकों को सशक्त बनाएगा विभाग
एससीईआरटी हरियाणा के निदेशक डॉ. समवर्तक सिंह ने कहा कि निपुण 2.0 नेतृत्व सम्मेलन ने यह पुनः स्थापित किया है कि शिक्षा में स्थायी एवं प्रभावी परिवर्तन तभी संभव है, जब नीति, शिक्षाशास्त्र और व्यावहारिक व्यवहार के बीच बेहतर समन्वय हो। विभाग बालवाटिका से कक्षा पांच तक सीखने की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य नोडल अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार ने इसे सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। सम्मेलन में हिसार जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी नरेन्द्र कुमार तथा जिला एफएलएन समन्वयक प्रमोद कुमार ने भाग लिया और जिले में गुणवत्तापूर्ण आधारभूत शिक्षा सुनिश्चित करने का भरोसा दिया।

