भिवानी में संत निरंकारी मंडल द्वारा बाल संत समागम का आयोजन किया गया। समागम में बाल संतों ने अपनी प्रतिभा से मिशन के संदेशों को जन-जन तक पहुँचाया।
अजय सैनी, भिवानी। सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज और निरंकारी राजपिता के आशीर्वाद से भिवानी के हांसी गेट स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में विशाल ‘निरंकारी बाल संत समागम’ का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता भिवानी जोन के जोनल इंचार्ज बलदेव राज नागपाल ने की। इस विशेष आयोजन में भिवानी और चरखी दादरी जिले के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से भारी संख्या में बाल संत और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। समागम के दौरान बच्चों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए हिंदी, अंग्रेजी और हरियाणवी भाषा में भजनों, गीतों, कविताओं और व्याख्यानों के माध्यम से मिशन के संदेशों को पूरी निष्ठा के साथ प्रसारित किया।
भक्ति मार्ग में माया की बाधा
कार्यक्रम के दौरान सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज और निरंकारी राजपिता रमित जी के संदेशों को वीडियो के माध्यम से श्रद्धालुओं के समक्ष रखा गया। अपने संदेश में निरंकारी राजपिता ने समझाया कि भक्ति के मार्ग पर माया अक्सर व्यवधान पैदा करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि माया केवल धन-संपत्ति नहीं है, बल्कि बीते हुए समय की यादों में खोए रहना या भविष्य के केवल सपने देखते हुए वर्तमान समय को व्यर्थ गँवाना भी माया का ही एक स्वरूप है। हमें इन बाधाओं से ऊपर उठकर वर्तमान में जीना चाहिए। वहीं, सतगुरु माता जी ने अपने विचारों में जोर दिया कि गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी परमात्मा को प्राप्त करना संभव है और ब्रह्मज्ञान ही जीवन में सच्चा सुकून लाता है।

शिकवा नहीं शुक्राने वाली भक्ति
सतगुरु माता जी ने आगे फरमाया कि भक्तों को शिकायतों से दूर रहकर हमेशा ‘शुक्राने’ (आभार) वाली भक्ति करनी चाहिए। परमात्मा को ब्रह्मज्ञान के जरिए आसानी से जाना जा सकता है और यही सुकून पाने का एकमात्र मार्ग है। समागम की सबसे बड़ी विशेषता बच्चों द्वारा प्रस्तुत हरियाणवी भजन रहा, जिसके बोल थे- ‘मेरा सतगुरु राम मिलावै, यो तो कण कण में सै बतावै’। इन प्रस्तुतियों ने वहां उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंत में, यह समागम मानवता के संदेश और सकारात्मकता के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम ने साबित कर दिया कि सही मार्गदर्शन मिले तो नई पीढ़ी भी आध्यात्मिकता के पथ पर चलकर समाज में बदलाव की नींव रख सकती है।

