कुंदन कुमार/पटना। बिहार की राजनीति में एक बड़े बदलाव की सुगबुगाहट अब हकीकत में बदलती नजर आ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में प्रवेश और अब मंत्रिमंडल में शामिल होने की चर्चाओं ने राज्य के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। जेडीयू के कद्दावर नेता और एमएलसी संजय गांधी ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए भविष्य के संकेतों को स्पष्ट किया है।
नीतीश कुमार से मुलाकात और संजय गांधी का बयान
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके आवास पर मुलाकात करने के बाद बाहर निकले एमएलसी संजय गांधी ने मीडिया से बातचीत में बड़े संकेत दिए। उन्होंने कहा कि पार्टी के तमाम नेता और कार्यकर्ता यह आकांक्षा लगाए हुए हैं कि निशांत कुमार सरकार और संगठन में सक्रिय भूमिका निभाएं। संजय गांधी के अनुसार, निशांत कुमार एक अनुभवी व्यक्तित्व के धनी हैं और यदि वे मंत्री पद की शपथ लेते हैं, तो यह न केवल सरकार के लिए बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक सकारात्मक कदम होगा। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि निशांत फिलहाल संगठन के कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने की बात कह रहे हैं, लेकिन गठबंधन के सभी नेता चाहते हैं कि वे कैबिनेट का हिस्सा बनें।
मैराथन बैठकों के बाद बनी सहमति
निशांत कुमार को मुख्यधारा की राजनीति और सरकार में लाने के लिए जेडीयू के शीर्ष नेतृत्व ने पिछले कुछ दिनों में काफी मशक्कत की है। सूत्रों के अनुसार, शुरुआत में निशांत किसी भी औपचारिक पद को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं थे। लेकिन बीती रात 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर हुई एक हाई-प्रोफाइल बैठक में परिदृश्य बदल गया। इस बैठक में ललन सिंह, संजय झा और विजय चौधरी जैसे अनुभवी नेताओं ने निशांत कुमार के साथ लंबी चर्चा की। नेताओं ने उन्हें समझाया कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में उनका सरकार का हिस्सा बनना पार्टी की मजबूती और राज्य के विकास की निरंतरता के लिए आवश्यक है।
स्थगित हुई ‘सद्भावना यात्रा’, अब शपथ की तैयारी
निशांत कुमार इन दिनों बिहार में ‘सद्भावना यात्रा’ निकाल रहे हैं, जिसके माध्यम से वे सीधे जनता से संवाद कर रहे थे। मंत्री पद की शपथ लेने की खबरों के बीच, 7 मई को प्रस्तावित उनकी इस यात्रा को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, वे कल पटना के गांधी मैदान में आयोजित होने वाले भव्य समारोह में मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। इसके बाद 9 मई से वे पुनः अपनी यात्रा पर निकलेंगे। विशेष बात यह है कि वे अपनी यात्रा के लिए उसी ‘निश्चय रथ’ का प्रयोग कर रहे हैं, जो नीतीश कुमार की राजनीतिक यात्राओं का प्रतीक रहा है।
मंत्रिमंडल का नया स्वरूप और समीकरण
कल होने वाले संभावित शपथ ग्रहण समारोह में कुल 27 नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। इसमें जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों का विशेष ध्यान रखा गया है। चर्चा है कि भाजपा से 12, जेडीयू से 11, लोजपा (रा) से 2, जबकि हम और रालोमो से 1-1 मंत्री बनाए जा सकते हैं। निशांत कुमार का नाम इस सूची में सबसे प्रमुखता से उभर कर सामने आया है, जो बिहार की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत का संकेत है।
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें

