कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कुरुक्षेत्र ने छात्रों को बड़ी राहत देते हुए उपस्थिति (अटेंडेंस) नियमों में ढील देने का निर्णय लिया है। संस्थान के कार्यवाहक निदेशक डॉ. ब्रह्मजीत के निर्देश पर शैक्षणिक अनुभाग द्वारा जारी नोटिस के अनुसार अब 75% की अनिवार्य उपस्थिति सीमा को घटाकर 65% कर दिया गया है।

इस निर्णय से उन विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा, जो कम उपस्थिति के कारण अंतिम सेमेस्टर परीक्षा से वंचित होने की स्थिति में थे। अब 65% या उससे अधिक उपस्थिति वाले छात्र परीक्षा में बैठ सकेंगे। इसके अलावा विभागाध्यक्ष (HOD) की सिफारिश पर निदेशक द्वारा 5% तक अतिरिक्त छूट भी प्रदान की जा सकेगी, जिससे विशेष परिस्थितियों वाले छात्रों को राहत मिलेगी।


पात्र छात्रों की सूची 5 मई शाम 5 बजे तक
संस्थान ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी विभागों को पात्र छात्रों की सूची 5 मई शाम 5 बजे तक जमा करनी होगी। वहीं, जिन छात्रों की उपस्थिति अत्यंत कम है, वे CMO या SMO द्वारा प्रमाणित मेडिकल दस्तावेज प्रस्तुत कर उपस्थिति में छूट का लाभ ले सकते हैं। हालांकि ऐसे मामलों में अधिकतम ग्रेड डी ही दिया जाएगा या फिर संबंधित विषय को दोबारा पढ़ना अनिवार्य हो सकता है।


अगले सेमेस्टर में ‘स्व-अध्ययन’ के आधार पर दे सकेंगे परीक्षा

यदि कोई छात्र केवल एक या दो विषयों में डिटेन होता है, तो उसे अगले सेमेस्टर में ‘स्व-अध्ययन’ (Self Study) के आधार पर परीक्षा देने का अवसर भी मिल सकता है।डीन अकादमिक प्रो. ज्ञान भूषण ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य छात्रों पर अनावश्यक मानसिक दबाव कम करना और उन्हें बेहतर तरीके से परीक्षा की तैयारी के लिए प्रोत्साहित करना है।