इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने हरियाणा में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के विरोध में आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि 31 मई 2026 तक बढ़ी कीमतें वापस नहीं ली गईं, तो 1 जून 2026 को सभी जिला मुख्यालयों पर सरकार के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।
चंडीगढ़। इनेलो मुख्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व मंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. संपत सिंह ने केंद्र और हरियाणा की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार को आम जनता की जेब काटने वाली लुटेरी सरकार करार दिया। इनेलो नेता ने आरोप लगाया कि हाल ही में पेट्रोल-डीजल में 7.50 रुपये प्रति लीटर, घरेलू गैस सिलेंडर में 110 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर में 993 रुपये की बेतहाशा बढ़ोतरी की गई है, जो जनता के साथ पूरी तरह से बर्बरता है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि इस आर्थिक बोझ को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसके खिलाफ सड़कों पर उतरकर लड़ाई लड़ी जाएगी।
टैक्स और मुनाफे पर गंभीर आरोप
प्रो. संपत सिंह ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2014-15 से 2025-26 के बीच केंद्र और राज्य सरकारों ने पेट्रोलियम पर टैक्स के माध्यम से लगभग 75 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम कमाई की है। इसमें अकेले हरियाणा सरकार ने वैट और अन्य टैक्स के जरिए जनता की जेब से 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा वसूले हैं। इसके अलावा सरकारी तेल कंपनियों ने 10 लाख करोड़ रुपये और निजी कंपनियों ने 9 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया है। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी 2026 से मार्च 2026 के बीच निजी तेल कंपनियों के मुनाफे में करीब 41 फीसदी का बड़ा उछाल देखा गया है।
चुनावी राजनीति और इनेलो की मांगें
इनेलो नेता ने सरकार की चुनावी राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि चुनाव के समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल होने पर भी दाम नहीं बढ़ाए जाते हैं। इसके विपरीत चुनाव खत्म होते ही कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर से नीचे आने के बावजूद महंगाई का सीधा बोझ आम जनता पर डाल दिया जाता है। आज पेट्रोल पर 33 रुपये और डीजल पर साल 2014 के मुकाबले 9 गुना ज्यादा टैक्स वसूला जा रहा है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग का जीना मुहाल हो गया है। इनेलो ने मांग की है कि पेट्रोल, डीजल और गैस पर टैक्स तुरंत कम कर जनता, किसानों और ट्रांसपोर्टरों को राहत दी जाए।

