कुंदन कुमार/पटना। बिहार की राजनीति में आगामी चुनावों को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू के शीर्ष नेता नीतीश कुमार अचानक पटना स्थित जनता दल (यूनाइटेड) के प्रदेश कार्यालय पहुंचे। उनके इस दौरे ने न केवल कार्यकर्ताओं में जोश भर दिया है, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भविष्य की रणनीतियों को लेकर चर्चाएं भी शुरू कर दी हैं।
वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों के साथ अहम बैठक
कार्यालय पहुंचते ही नीतीश कुमार का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार की मंत्री शीला मंडल सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों और दिग्गज नेताओं के साथ बंद कमरे में मुलाकात की। बैठक के दौरान नीतीश कुमार काफी सक्रिय नजर आए और उन्होंने एक-एक कर नेताओं से उनके प्रभार वाले क्षेत्रों का फीडबैक लिया।
संगठन विस्तार और जमीनी हकीकत पर चर्चा
नीतीश कुमार ने इस बैठक का मुख्य केंद्र ‘संगठन की मजबूती’ को रखा। उन्होंने नेताओं से संगठन के वर्तमान ढांचे की जानकारी ली और निर्देश दिया कि बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और इसकी जानकारी जनता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संगठन के पदाधिकारियों की है।
कार्यकर्ताओं को एकजुटता का संदेश
सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार ने नेताओं को गुटबाजी से दूर रहकर आगामी चुनौतियों के लिए तैयार रहने को कहा है। उन्होंने कहा कि जदयू का आधार उसका कैडर और विकासपरक नीतियां हैं। इस औचक दौरे और बैठक को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के शंखनाद के रूप में देखा जा रहा है।
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