पटना। बिहार की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को खाली कराने का नोटिस इन दिनों सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। इस विवाद ने अब तीखे शब्दों और व्यक्तिगत हमलों का रूप ले लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के ‘कोई माई का लाल नहीं रोक सकता’ वाले बयान पर पलटवार करते हुए राजद नेता तेज प्रताप यादव ने तीखी टिप्पणी की है।
तेज प्रताप का दावा: 9 महीने में जाएगी कुर्सी
तेज प्रताप यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए एक बड़ी भविष्यवाणी की है। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी उम्र में भले ही बड़े हों, लेकिन मुख्यमंत्री के पद की गरिमा के अनुरूप वे अपनी भाषा का चयन करने में विफल रहे हैं। तेज प्रताप ने तंज कसते हुए कहा मैं भविष्यवाणी करता हूं कि आने वाले 6 से 9 महीनों के भीतर सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ेगी। पद पर बैठने वाले व्यक्ति को मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए, जिसमें वे असफल साबित हुए हैं।

सोशल मीडिया पर फोटो वार और मर्यादा का सबक
तेज प्रताप यादव ने फेसबुक पर सम्राट चौधरी की एक पुरानी तस्वीर साझा की है, जिसमें वे राबड़ी देवी के पैर छूते नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा राज्य के नेताओं और मुख्यमंत्री को संयमित भाषा का उपयोग करना चाहिए। किसी पर भी टिप्पणी करते समय सामाजिक गरिमा का ध्यान रखना आवश्यक है। राबड़ी देवी हमारे लिए सम्मान का विषय हैं। लोकतंत्र में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन संवाद हमेशा शालीन होना चाहिए।
मुख्यमंत्री का कड़ा रुख: गुंडागर्दी करने वाले जाएंगे जेल
वहीं, मुजफ्फरपुर में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपने स्टैंड पर अडिग दिखे। राबड़ी देवी के ‘बंगला खाली नहीं करेंगे’ वाले बयान पर उन्होंने दो टूक कहा, यह कोई राजतंत्र नहीं, बल्कि लोकतंत्र है। बंगला हर हाल में खाली होगा और इसे कोई माई का लाल नहीं रोक सकता। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि बिहार में जो भी व्यक्ति गुंडागर्दी करेगा, उसके लिए राज्य की जेलें तैयार हैं।
विवाद का मूल कारण
यह विवाद तब शुरू हुआ जब सरकार ने राबड़ी देवी को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस दिया। राजद ने इसे बदले की राजनीति करार दिया है, जबकि मुख्यमंत्री का तर्क है कि नियम-कानून सबके लिए बराबर हैं। फिलहाल, यह मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर तूल पकड़ता जा रहा है।

