पटना: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस’ (National Technology Day) के पावन अवसर पर देश के समस्त वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और तकनीकी विशेषज्ञों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में उन्होंने राष्ट्र के निर्माण और सुरक्षा में विज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
1998 के परमाणु परीक्षण का ऐतिहासिक स्मरण
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि 11 मई का यह दिन भारत के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज है। आज ही के दिन वर्ष 1998 में पोखरण में सफल परमाणु परीक्षण कर भारत ने पूरी दुनिया को अपनी परमाणु शक्ति और सामरिक सामर्थ्य का परिचय दिया था। उन्होंने इसे भारत की वैज्ञानिक क्षमता और आत्मनिर्भरता का सबसे बड़ा प्रतीक बताया। नीतीश कुमार ने कहा कि यह दिवस हमें उन वैज्ञानिकों की याद दिलाता है जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद भारत को विश्व पटल पर एक शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित किया।
आत्मनिर्भर भारत और भविष्य की राह
नीतीश कुमार ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भारत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के आधुनिक युग में प्रगति का आधार केवल तकनीक ही है। चाहे वह कृषि क्षेत्र हो, स्वास्थ्य सेवा हो या रक्षा प्रणाली, भारतीय विशेषज्ञों का नवाचार (Innovation) देश को निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर कर रहा है।
वैज्ञानिकों के प्रति कृतज्ञता
अपने वक्तव्य के अंत में उन्होंने देश के विकास में अपना जीवन समर्पित करने वाले इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों के प्रति गहरी कृतज्ञता प्रकट की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नई पीढ़ी इन महान वैज्ञानिकों से प्रेरणा लेकर शोध और अनुसंधान के क्षेत्र में भारत का नाम रौशन करती रहेगी।
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