वीरेंद्र कुमार/नालंदा। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल प्रमुख नीतीश कुमार ने रविवार को एक अत्यंत भावुक यात्रा की। वे लगभग 40 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद अपने मौसी के गांव नालंदा जिले के हरनौत स्थित मधोपुर-सबनहुआ पहुंचे। उनका यह दौरा मुख्य रूप से व्यक्तिगत और श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए था जिसने पूरे क्षेत्र में चर्चा और उत्साह का माहौल बना दिया।
भावभीनी श्रद्धांजलि और आत्मीय मुलाकात
नीतीश कुमार के गांव पहुंचते ही पूरा इलाका नीतीश कुमार जिंदाबाद के नारों से गूंज उठा। अपने काफिले से उतरते ही उन्होंने हाथ जोड़कर ग्रामीणों का अभिवादन स्वीकार किया। पूर्व मुख्यमंत्री का यह प्रवास संक्षिप्त (करीब पांच मिनट) रहा लेकिन अत्यंत मार्मिक था। उन्होंने अपनी स्वर्गीय मौसी देव लगन देवी और स्वर्गीय मौसा रामानंद सिंह के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस दौरान वे अपने शोक संतप्त परिजनों से भी मिले और उन्हें ढांढस बंधाया जिससे पूरा माहौल भावुक हो गया।


भारी सुरक्षा और जनसमूह का उत्साह
पूर्व मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए प्रशासन पहले से ही पूरी तरह सतर्क था। गांव से लेकर कल्याण बिगहा रोड तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बिहारशरीफ एसडीएम किसलय श्रीवास्तव और एसडीपीओ-2 संजय कुमार जायसवाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। स्थानीय स्तर पर हरनौत थानाध्यक्ष मुकेश वर्मा और कल्याण बिगहा थानाध्यक्ष निशा भारती ने सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली थी।
सुरक्षा के बीच भी ग्रामीणों में अपने नेता को इतने करीब देखने के लिए खासा उत्साह था। सुबह से ही लोग उनके इंतजार में खड़े थे। इस दौरान कई ग्रामीणों ने अपनी स्थानीय समस्याओं और शिकायतों से संबंधित आवेदन भी पूर्व मुख्यमंत्री को सौंपे जिसे उन्होंने पूरी गंभीरता से स्वीकार किया।
प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
इस कार्यक्रम में नीतीश कुमार के साथ कई वरिष्ठ नेता और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। जिनमें मुख्य रूप से बिहार विधान परिषद के मुख्य सचेतक संजय कुमार सिंह (गांधी जी), उपनेता ललन सर्राफ, जदयू जिलाध्यक्ष मो. अरशद और प्रखंड अध्यक्ष रविकांत कुमार प्रमुख थे। इनके अलावा स्थानीय प्रशासन के अधिकारी, बीडीओ डॉ. पंकज कुमार, ईओ सौरव सुमन और बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता भी इस स्मरणीय पल के साक्षी बने।

