चंडीगढ़। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट को सूचित किया गया कि पंजाब सरकार ने अभी तक सांसद अमृतपाल सिंह को संसद सत्र में भाग लेने की अनुमति देने या न देने के संबंध में कोई आदेश पारित नहीं किया है। चीफ जस्टिस शील नागू की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष केंद्र की ओर से इस आशय का बयान दिया गया। यह बयान खडूर साहिब के सांसद द्वारा अपने तीसरे हिरासत आदेश को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई के दौरान आया।
सांसद अमृतपाल सिंह वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत निवारक हिरासत में हैं। सुनवाई के दौरान पीठ को बताया गया कि वह 23 मार्च, 2023 से हिरासत में हैं। हाईकोर्ट ने 23 जनवरी को पंजाब को आगामी संसद के बजट सत्र में भाग लेने के लिए अस्थायी रिहाई की मांग वाली याचिका पर सात कार्य दिवसों के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया था। याचिका का निपटारा करते हुए पीठ ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम की धारा 15 के तहत अस्थायी रिहाई देने का अधिकार उपयुक्त सरकार के पास है, जोकि इस मामले में राज्य सरकार थी।
इसके बाद न्यायालय ने पंजाब सरकार के गृह मामलों और न्याय विभाग के गृह सचिव को 17 जनवरी की याचिका पर निर्णय लेने और उसका परिणाम तुरंत उन्हें और उनके वकील को सूचित करने का आदेश दिया था।

याचिकाकर्त्ता, जो संसद के मौजूदा सदस्य हैं, ने निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में अपने संवैधानिक अधिकार का हवाला देते हुए दो चरणों में होने वाले बजट सत्र (28 जनवरी से 13 फरवरी और 9 मार्च से 2 अप्रैल तक) में भाग लेने के लिए पैरोल या अस्थायी रिहाई की मांग की थी। उन्होंने यह भी शिकायत की थी कि अधिकारियों को दिए गए उनके अभ्यावेदनों, जिनमें 17 जनवरी को गृह सचिव को संबोधित एक अभ्यावेदन भी शामिल है, पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
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