राकेश कथूरिया, कैथल। उपायुक्त अपराजिता ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सीएम विंडो पर आने वाली शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जाए और शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए।

डीसी अपराजिता मंगलवार को लघु सचिवालय सभागार में आयोजित सीएम विंडो शिकायत समीक्षा बैठक में अधिकारियों को संबोधित कर रही थीं। इससे पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर सभी जिलों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक के दौरान डीसी ने बताया कि कैथल जिले में अब तक कुल 20,413 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से 20,106 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। जिले का डिस्पोजल रेट 98.5 प्रतिशत दर्ज किया गया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस प्रदर्शन को और बेहतर बनाने की जरूरत है।
डीसी अपराजिता ने कहा कि जो शिकायतें अभी तक ऑनलाइन स्वीकार नहीं की गई हैं, उन्हें तुरंत स्वीकार कर प्राथमिकता से निपटाया जाए। साथ ही जिन मामलों को विभागों द्वारा निस्तारित दिखाया गया है, उनकी रैंडम चेकिंग भी की जाएगी। इसके लिए विभागों को 10-10 शिकायतें चयनित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने साफ कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीसी ने कहा कि सीएम विंडो सिर्फ एक ऑनलाइन पोर्टल नहीं, बल्कि जनता का सरकार पर भरोसा है। इसलिए किसी भी शिकायत को बंद करने से पहले शिकायतकर्ता से सीधे संवाद करना जरूरी होगा।
बैठक में मनप्रीत सिंह, सुशील कुमार, संजय कुमार और अजय हुड्डा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

