पांच देशों के अपने दौरे पर निकले पीएम मोदी नॉर्वे की यात्रा पूरी करने के बाद इटली के लिए रवाना हो गए हैं। हालांकि, उससे पहले उन्होंने नॉर्वे में तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और कानून का सम्मान के नरजिए से भारत और नॉर्डिक देशों को स्वाभाविक साझेदार हैं। पीएम ने कहा कि भारत और नॉर्डिक देशों के बीच सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है और आने वाले समय में यह साझेदारी और आगे बढ़ेगी। बता दें नॉर्डिक देशों में नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन शामिल हैं।
इससे पहले मोदी ने नॉर्वे के पीएम योनास गार स्टोरे, डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन, फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेट्टेरी ओर्पो और आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रुन म्योल फ्रॉस्टाडोटिर से भी मुलाकात की। इस समिट का मकसद भारत और नॉर्डिक देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करना था। यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांच देशों के दौरे का अंतिम चरण है।
मोदी बोले- दुनिया की बड़ी समस्याओं का हल युद्ध से नहीं
मोदी ने कल नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में कहा कि दुनिया की बड़ी समस्याओं का हल युद्ध से नहीं, बल्कि बातचीत और शांति से निकल सकता है। नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनास गार स्टोरे के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्वे दोनों बातचीत और कूटनीति में भरोसा रखते हैं। यूक्रेन युद्ध हो या पश्चिम एशिया का संकट भारत हमेशा शांति की कोशिशों का समर्थन करेगा।
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार जरूरी है। उन्होंने आतंकवाद को पूरी तरह खत्म करने की जरूरत पर भी जोर दिया। इस दौरान सोमवार को नॉर्वे ने पीएम मोदी को अपने सबसे बड़े सम्मान से नवाजा। पीएम मोदी को ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’ दिया गया है, जो नॉर्वे का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है. खास बात यह है कि यह प्रधानमंत्री मोदी को दुनिया के अलग-अलग देशों से मिला 32वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।
पीएम मोदी ने बिजनेस समिट में हिस्सा लिया
पीएम मोदी ने सोमवार को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में इंडिया-नॉर्वे बिजनेस एंड रिसर्च समिट में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने नॉर्वे की बड़ी कंपनियों और रिसर्च संस्थानों के प्रमुखों से मुलाकात की। समिट में ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, शिपिंग, हेल्थ टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, शिक्षा और रिसर्च जैसे कई क्षेत्रों पर चर्चा हुई। इसमें शामिल बड़ी कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू करीब 200 अरब डॉलर थी। पीएम मोदी ने कहा कि भारत निवेश और इनोवेशन के लिए बड़ा और भरोसेमंद बाजार बन रहा है। उन्होंने भारत में निवेश के अवसरों को भी सामने रखा।
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