अनुज कुमार पाण्डेय, गोपालगंज। बिहार के गोपालगंज जिले में पुलिस ने एक ऐसे हाई-प्रोफाइल और सनसनीखेज रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जो नोटों को रासायनिक प्रक्रिया से डबल करने के नाम पर करोड़ों की ठगी कर रहा था। इस काले धंधे का जाल पश्चिम बंगाल के कोलकाता से लेकर पड़ोसी देश नेपाल तक फैला हुआ था। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस गिरोह के पीछे समाज के तथाकथित सफेदपोश चेहरे राष्ट्रीय जनता दल व जनता दल यूनाइटेड के नेता, एक जिला पार्षद और एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर शामिल हैं।

95.27 लाख कैश और मशीनें जब्त

​गोपालगंज पुलिस की विशेष टीम को 14 मई की रात गुप्त सूचना मिली थी कि बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के सिंहासनी गांव में नोट डबल करने की एक बड़ी डील होने वाली है। पुलिस ने जब योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की, तो मौके से ₹95,27,000 नगद बरामद किए गए।​नगदी के अलावा पुलिस ने मौके से ​गोदरेज कंपनी की एक आसमानी रंग की नोट गिनने वाली मशीन। ​5-5 लीटर के गैलन में भरा हुआ 25 लीटर रंगीन द्रवित रसायन,​ एक अन्य गैलन में 3 लीटर उजला रसायन,​तीन कार्टन में भरे असली नोट के आकार के सफेद व काले रंग के कागज के बंडल और धंधेबाजों की एक काली स्कॉर्पियो और एक मारुति स्विफ्ट कार को बरामद किया है।

ठगी का शिकार बने पिता-पुत्र

​इस शातिर गिरोह के झांसे में आकर सारण जिले के पानापुर निवासी नंदकिशोर राय और उनका बेटा सौरभ कुमार अपने रिश्तेदार कामेश्वर राय के बहकावे में आ गए थे। वे अपनी काली स्कॉर्पियो से ₹95.27 लाख की भारी-भरकम रकम लेकर नोट डबल कराने सिंहासनी गांव पहुंचे थे, लेकिन रकम सौंपने से ठीक पहले पुलिस की रेड पड़ गई। गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद शातिर थी। मुख्य सरगना कमाल खान, दिलशेर खान और जोहेब अंसारी ने मोतिहारी के जयसवाल होटल में पहले लोगों को ₹5,000 के बदले ₹10,000 डबल करके दिए थे। जब पीड़ितों ने वह पैसा बैंक में जमा किया और जाली नोट नहीं पकड़ाया, तो उन्हें गिरोह पर अंधविश्वास हो गया।

​शिकार से शिकारी बना अमित

​गिरोह के सदस्य अमित कुमार ने पुलिस के सामने कई चौंकाने वाले राज खोले हैं। अमित ने बताया कि एक साल पहले राजद नेता जोहेब अली और उसके साथियों ने उससे ₹10 लाख ठग लिए थे। जब उसने पैसे मांगे, तो गिरोह ने ₹3 लाख लौटाकर कहा कि बाकी पैसे कमाने हैं तो हमारे साथ गैंग में शामिल हो जाओ। अपना डूबा पैसा निकालने के चक्कर में अमित भी इस दलदल में उतर गया। उसने बताया कि केमिकल और अन्य सामान सफियाबाद में जदयू नेता मुन्ना खान के घर छिपाकर रखा जाता था।

​8 आरोपी गिरफ्तार, सफेदपोशों की तलाश जारी

​पुलिस ने मौके से ठगी के शिकार और इस धंधे में शामिल 8 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनमें पश्चिम बंगाल के आसनसोल का मो. फरहत हुसैन, पूर्वी चंपारण का फैसल आलम, सीवान का सुदेश कुमार, हेडमास्टर कामेश्वर राय और पैसे डबल कराने आए पिता-पुत्र शामिल हैं।

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