लोकसभा सांसदों की बगावत के झटके से उबर रही शिवसेना (UBT) को एक और बड़ा झटका लगने जा रहा है. लोकसभा सांसदों की बगावत के बाद संसदीय ताकत में भारी कमी का सामना कर रही शिवसेना (UBT) के पास अब सिर्फ चार सांसद बचे हैं. ऐेसे में अब संसद भवन परिसर में पार्टी के कार्यालय के आवंटन पर संकट मंडराने लगा है. उसके छह सांसदों के शिवसेना शिंदे में विलय के बाद संसद भवन परिसर में मिले उसके ऑफिस के छिनने की संभावना भी बढ़ जाएगी.
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नियम के मुताबिक पांच या ज्यादा सांसदों वाले दलों को ही संसद भवन परिसर में अलग कार्यालय मिलता है.
जानकारी के लिए याद दिल दे कि बीते सोमवार को उद्धव गुट के 9 में से 6 सांसद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का गुट में चला गया है. इसके बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे कि ताकत पहले जहां 7 लोकसभा सांसद से बढ़कर अभी वर्तमान में कुल 13 हो गयी है.
जानकारी के मुताबिक इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष की औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद शिवसेना (UBT) के संसदीय दल में सिर्फ चार सांसद ही बाकी रह जाएंगे. पांच या उससे ज्यादा सांसदों वाले दलों को ही संसद भवन परिसर में अलग दफ्तर आवंटित किया जाता है.
अभी शिवसेना (UBT) के संसदीय दल का ऑफिस संविधान सदन (पुराने संसद भवन) के रूम नंबर 128 A में है. यह अविभाजित शिवसेना के ऑफिस 128 के बगल में ही है. अब सांसदों की संख्या में संभावित कमी के बाद इस कार्यालय के आवंटन की स्थिति पर भी नजरें टिकी हुई हैं.
शिवसेना (UBT) में बगावत के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को आज शाम में 5 बजे पार्टी नेताओं की बैठक बुलाई है. अध्यक्ष ओम बिरला शिवसेना यूबीटी के सांसद अरविंद सावंत और अनिल देसाई अध्यक्ष से मुलाकात करेंगे और सांसदों के बागी गुट से जुड़े घटनाक्रमों के संबंध में अपना पक्ष रखेंगे.

