कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में NQAS की टीम आज ग्वालियर पहुंची। जिला अस्पताल मुरार, प्रसूति गृह और NRC का नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड की तीन सदस्यीय टीम ने निरीक्षण किया, पहले दिन जिला अस्पताल मुरार के 12 डिपार्मेंटों का क्वालिटी चेक किया गया। NQAS सर्टिफाइड होने पर जिला अस्पताल को विशेष ग्रांट और सुविधाओं का फायदा मिल सकेगा।
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दरअसल शासकीय अस्पतालों के लिए NQAS सर्टिफिकेशन बहुत बड़ा अचीवमेंट होता है, यही वजह है कि अस्पताल प्रबंधन की 22 दिन की तैयारी के बाद नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड की टीम ने ग्वालियर जिला अस्पताल मुरार में अपना निरीक्षण शुरू किया। इस दौरान अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और गुणवत्ता को मानकों की कसौटी पर चेक किया गया। दिल्ली की डॉ जीना श्री, पुणे के डॉ अशोक पालीवाल और कोलकाता के डॉ सुजॉय विष्णु जैसे विशेषज्ञों की यह उच्च स्तरीय टीम सुबह जिला अस्पताल मुरार पहुंची और अपना निरीक्षण शुरू किया। इस दौरान मॉड्यूलर ओटी पैथोलॉजी सहित सभी 12 विभागों का निरीक्षण किया।
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टीम ने इमरजेंसी और वार्डों में सुरक्षा का स्तर, वार्डों की सफाई और कचरा निपटान की स्थिति को भी देखा। इसके साथ ही दवाओं का स्टॉक उनकी वितरण प्रणाली के साथ ही रिकॉर्ड फाइल और उनके रखरखाव की स्थिति को भी परखा। जिला अस्पताल मुरार के सिविल सर्जन डॉक्टर राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि अस्पताल को 80% से ऊपर अंक हासिल होंगे। जिसके जरिए वह असेसमेंट में पास होगा। आपको बता दें कि टीम द्वारा किए गए असेसमेंट के जरिए अस्पताल को राष्ट्रीय स्तर पर मिलने वाली मान्यता और सुविधाओं के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण मदद मिल सकेगी।

