अतीश दीपंकर/भागलपुर/पटना। बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और टीबी (तपेदिक) मुक्त समाज के निर्माण के संकल्प को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एनटीपीसी कहलगांव ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट और सराहनीय कार्यों के लिए एनटीपीसी कहलगांव को बिहार के महामहिम राज्यपाल सैयद अता हसनैन और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार द्वारा सम्मानित किया गया है।
सम्मान समारोह और उपलब्धि
यह गरिमामयी कार्यक्रम पटना स्थित पुराने सचिवालय में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर एनटीपीसी कहलगांव की ओर से मानव संसाधन प्रमुख मनोरंजन सारंगी ने यह प्रतिष्ठित सम्मान ग्रहण किया। यह पुरस्कार टीबी के खिलाफ लड़ाई में एनटीपीसी के अटूट समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
निक्षय मित्र बनकर बनी उम्मीद की किरण
एनटीपीसी कहलगांव के पीआरओ सह प्रबंधक चेव्वाकुला श्रीकांत ने इस उपलब्धि पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि संस्थान ने अपनी सीएसआर (CSR) गतिविधियों के अंतर्गत ‘निक्षय मित्र अभियान’ में बढ़-चढ़कर भागीदारी की है। उन्होंने बताया कि एनटीपीसी कहलगांव ने अब तक 500 टीबी रोगियों को गोद लिया है। इन रोगियों को केवल चिकित्सा सहायता ही नहीं बल्कि उनके बेहतर स्वास्थ्य और रिकवरी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिमाह पौष्टिक खाद्य सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है।
समाज में खुशी की लहर
इस सम्मान के मिलने से एनटीपीसी कहलगांव प्रबंधन, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में काफी हर्ष का माहौल है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर जिले के जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, प्रशासनिक अधिकारियों और आम नागरिकों ने एनटीपीसी की सराहना करते हुए बधाई दी है। लोगों का मानना है कि एनटीपीसी का यह प्रयास अन्य औद्योगिक संस्थानों के लिए भी एक प्रेरक उदाहरण है।
निश्चित रूप से, टीबी जैसी गंभीर बीमारी से लड़ने के लिए सरकार और एनटीपीसी जैसे संस्थानों का तालमेल अत्यंत आवश्यक है। यह सम्मान न केवल एनटीपीसी के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह उन 500 परिवारों के लिए भी एक बड़ा संबल है जिन्हें समय पर पोषण सहायता प्राप्त हो रही है। हमारी ओर से भी एनटीपीसी कहलगांव की पूरी टीम को इस उत्कृष्ट कार्य के लिए हार्दिक बधाई और भविष्य के लिए शुभकामनाएं।

