नूंह की साइबर क्राइम टीम ने दिल्ली-अलवर रोड पर छापेमारी कर राजस्थान निवासी एक शातिर साइबर ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी सिम कार्ड और पुराने सिक्कों के नाम पर लोगों से ऑनलाइन धोखाधड़ी करता था।

सोनू वर्मा, नूंह। जिले की साइबर क्राइम पुलिस टीम ने साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने जालसाजी और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले में लिप्त एक शातिर आरोपी को दिल्ली-अलवर मुख्य मार्ग पर स्थित आकेड़ा गांव के पास बने आयुर्वेदिक अस्पताल के नजदीक से घेराबंदी कर दबोच लिया। नूंह से हमारे रिपोर्टर सोनू वर्मा के अनुसार, पकड़े गए आरोपी की पहचान असलम के रूप में हुई है, जो जुम्मा का पुत्र है और वह राजस्थान के डीग जिले के थाना जुरहेड़ा के अंतर्गत आने वाले गांव खेड़ी नानू घोसिंगा का निवासी है।

हरिद्वार से जुड़ी थी साइबर ठगी की कड़ियां ऐसे हुआ खुलासा

इस पूरी कार्रवाई का विवरण देते हुए पुलिस विभाग के अधिकारियों ने बताया कि भारतीय साइबर पोर्टल पर एक संदिग्ध मोबाइल नंबर लगातार एक्टिव दिखाई दे रहा था, जिसके बाद नूंह पुलिस ने मामले की तकनीकी जांच शुरू की। तफ्तीश में यह सनसनीखेज तथ्य सामने आया कि इस नंबर के खिलाफ उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में ऑनलाइन साइबर धोखाधड़ी की एक लिखित शिकायत पहले से ही दर्ज थी, जिसमें आरोपी द्वारा पुराने दुर्लभ सिक्के और नोट बेचने का झांसा देकर एक व्यक्ति से 13 हजार 248 रुपये की ठगी की गई थी। पुख्ता लोकेशन मिलने के बाद जब नूंह साइबर टीम मौके पर पहुंची, तो आरोपी पुलिस बल को देखकर भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन सतर्क जवानों ने पीछा कर उसे मौके पर ही दबोच लिया।

फर्जी दस्तावेज पर ली गई सिम और व्हाट्सएप चैट बरामद

पकड़े गए आरोपी असलम की मौके पर ली गई तलाशी के दौरान पुलिस टीम ने उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन और चार चालू सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस द्वारा जब मोबाइल फोन के डेटा की गहनता से जांच की गई, तो उसमें कई संदिग्ध व्हाट्सएप चैट, पुराने सिक्कों व नोटों की विभिन्न तस्वीरें और भोले-भाले लोगों को पैसों का लालच देकर ठगने से संबंधित ढेरों डिजिटल सामग्रियां बरामद हुईं। जिला पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार ने बताया कि पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन के सख्त दिशा-निर्देशों पर यह पूरी कार्रवाई अमल में लाई गई है; आरोपी के खिलाफ नूंह साइबर थाने में विभिन्न कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आने वाले दिनों में भी साइबर अपराधियों के खिलाफ यह अभियान इसी तरह मुस्तैदी से जारी रहेगा।