नूंह जिला पुलिस ने अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए आधुनिक ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल शुरू करते हुए हथनगांव की पहाड़ियों में विशेष चेकिंग अभियान चलाया है।
सोनू वर्मा, नूंह। जिले में अरावली की पहाड़ियों को छलनी कर रहे खनन माफियाओं पर लगाम कसने के लिए जिला पुलिस ने अब एक बेहद आधुनिक और हाईटेक रुख अख्तियार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन के सख्त दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए पुलिस बल ने रविवार को बिछौर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हथनगांव के पहाड़ी इलाकों में विशेष ड्रोन सर्विलांस अभियान चलाया। इस नई रणनीति के तहत अब बेहद दुर्गम और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों की वास्तविक समय पर निगरानी सीधे आसमान से ड्रोन कैमरों के माध्यम से की जा रही है, ताकि कोई भी अवैध गतिविधि पुलिस की नजरों से बच न पाए।

ड्रोन कैमरों से सटीक निगरानी
इस विशेष चेकिंग अभियान को अमलीजामा पहनाने के लिए बिछौर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुखबीर यादव खुद अपनी पूरी पुलिस टीम के साथ हथनगांव की पहाड़ियों पर पहुंचे थे। अभियान के दौरान आधुनिक ड्रोन उड़ाकर सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों, संवेदनशील पुराने रास्तों और संभावित अवैध खनन स्थलों की बेहद बारिकी से जांच की गई। ड्रोन कैमरों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनकी मदद से उन सुदूर और संकरे रास्तों पर भी आसानी से पैनी नजर रखी जा रही है, जहां आमतौर पर पुलिस कर्मियों के लिए पैदल या गाड़ियों से नियमित गश्त करना बेहद चुनौतीपूर्ण और कठिन काम होता है।

माफियाओं पर होगी कड़ी कार्रवाई
पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारियों के अनुसार इस नई तकनीक के इस्तेमाल से अवैध खनन के काले कारोबार में संलिप्त अपराधियों की पहचान करना अब बेहद आसान हो जाएगा। ड्रोन से मिलने वाली तस्वीरों और वीडियो के आधार पर अवैध रूप से पहाड़ों की खुदाई करने वालों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाकर कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बिछौर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुखबीर यादव ने इस संबंध में स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। अवैध खनन रोकने के लिए भविष्य में भी नियमित गश्त और ड्रोन सर्विलांस जारी रहेगा।
पर्यावरण की सुरक्षा प्राथमिकता
नूंह पुलिस प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इन कठोर कदमों के जरिए अरावली के प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना और पर्यावरण को होने वाले भारी नुकसान से बचाना है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पहाड़ों के अंधाधुंध अवैध कटान को रोकने के लिए आने वाले दिनों में जिले के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी इसी प्रकार के हाईटेक ड्रोन ऑपरेशंस चलाए जाएंगे। इस पूरी कसरत का मुख्य ध्येय प्राकृतिक संपदा की रक्षा करने के साथ-साथ जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति को पूरी तरह मजबूत बनाए रखना है, ताकि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का सख्ती से पालन हो सके।

