नूंह की स्पेशल पोक्सो अदालत ने दो साल पुराने छेड़छाड़ के एक मामले में त्वरित सुनवाई करते हुए दोषी को तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर कोर्ट द्वारा सात हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है।
सोनू वर्मा, नूंह। करीब दो साल पहले एक नाबालिग लड़की के घर में जबरन घुसकर छेड़छाड़ करने के दोषी को नूंह की स्पेशल पोक्सो अदालत ने तीन वर्ष की कठोर कारावास व सात हजार रुपये जुर्माने की ऐतिहासिक सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी को पोक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अलग-अलग सुसंगत धाराओं के तहत सजा का ऐलान किया है, जिसके अनुसार ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। फिरोजपुर झिरका थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़ित व्यक्ति ने पुलिस विभाग को शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई थी। इस शिकायत के आधार पर स्थानीय पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था और मामले की जांच पूरी कर चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी।
CCTV कैमरे से की निगरानी
घटनाक्रम के अनुसार, 16 जुलाई 2024 को दोपहर करीब 2 बजे पीड़िता का पूरा परिवार नए मकान पर मौजूद था, जबकि उनकी करीब 16 वर्षीय नाबालिग बेटी कपड़े लेने के लिए अकेले पुराने मकान पर गई थी। पुराने मकान के बिल्कुल पास ही दोषी ने अपनी दुकान खोली हुई थी। शातिर दोषी ने अपनी दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में नाबालिग लड़की को पुराने मकान की तरफ अकेले आते हुए देख लिया था। अकेली लड़की को देखकर वह पहले ही चुपके से पीड़िता के घर में घुसकर छिप गया। जैसे ही मासूम लड़की अंदर आई, वह उसके साथ जबरन छेड़छाड़ करने लगा, जिससे वहां हड़कंप मच गया।
विरोध करने पर दी धमकी
पीड़ित लड़की ने बिना डरे निडरता से दोषी का कड़ा विरोध किया और जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। लड़की की आवाज सुनकर और खुद को घिरता देख दोषी किसी को भी इस बारे में बताने पर जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गया। रोती हुई लड़की ने अपने परिजनों के पास पहुंचकर पूरी आपबीती बताई। जब पीड़िता का पिता दोषी की दुकान पर उलाहना देने गया, तो उसने उल्टा गाली-गलौच करते हुए मारपीट शुरू कर दी। इस Nuh Pocso Court Verdict के तहत शनिवार को नूंह की डॉक्टर आसू संजीव तिंजन की स्पेशल पोक्सो कोर्ट ने दोषी मुशर्रफ परवेज को जेल भेज दिया।

