नूंह पुलिस ने फिरोजपुर झिरका में मुठभेड़ के बाद दो पशु तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पिकअप गाड़ी, ऊंट और देसी कट्टा बरामद हुआ है।

सोनू वर्मा, नूंह। जिले में पशु तस्करी और गौकशी पर नकेल कसने के लिए नूंह पुलिस लगातार सख्त कदम उठा रही है। इसी कड़ी में अपराध जांच शाखा (CIA) की टीम ने फिरोजपुर झिरका सदर थाना क्षेत्र में एक मुठभेड़ के बाद दो कुख्यात पशु तस्करों को धर दबोचा है। आरोपियों ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग की, जिसके जवाब में की गई पुलिस की कार्रवाई में दोनों तस्कर घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए शहीद हसन खां मेवाती मेडिकल कॉलेज, नल्हड़ में भर्ती कराया गया है। पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार के अनुसार, सीआईए प्रभारी महेंद्र सिंह की टीम गश्त पर थी, तभी उन्हें तस्करों के बारे में गुप्त सूचना मिली।

फायरिंग के बाद हुई जवाबी कार्रवाई

पुलिस को सूचना मिली थी कि फिरोजपुर झिरका के वार्ड नंबर 13 निवासी शाहिद और मुस्तफा एक पिकअप गाड़ी में राजस्थान से गोधन भरकर ला रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने नाकाबंदी कर निगरानी शुरू कर दी। संदिग्ध पिकअप वाहन देखते ही टीम ने पीछा शुरू किया और रुकने का संकेत दिया। वाहन नहीं रोकने पर तस्करों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने काफी दूर तक पीछा किया, जिसके बाद वाहन का टायर खराब हो गया। गाड़ी रुकते ही दोनों तस्कर उतरकर पुलिस पर हथियार तानकर खड़े हो गए। आत्मसमर्पण की चेतावनी के बावजूद जब उन्होंने फायरिंग बंद नहीं की, तो पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।

पांच ऊंट और हथियार बरामद

जवाबी कार्रवाई में दोनों तस्करों के पैरों में गोली लगी और वे घायल हो गए। पुलिस ने मौके से शाहिद और मुस्तफा को काबू कर लिया। तलाशी के दौरान पिकअप वाहन से पांच ऊंट बरामद हुए, जिनके मुंह और पैर रस्सियों से क्रूरतापूर्वक बंधे हुए थे। पुलिस ने घटना स्थल से एक अवैध देसी कट्टा, कारतूस और पशुओं से लदी पिकअप गाड़ी को अपने कब्जे में ले लिया है। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यह मुठभेड़ क्षेत्र में सक्रिय पशु तस्करों के लिए एक बड़ा संदेश है कि कानून से कोई भी बच नहीं सकता।