कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। मध्यप्रदेश के अलग अलग शहरों की तर्ज पर ग्वालियर में भी नर्सिंग छात्रों ने मोर्चा खोल दिया है। NSUI के बैनर तले BSC नर्सिंग और GNM नर्सिंग के छात्र कटोरा ताल स्थित फ्लैग पॉइंट पर अनिश्चितकालीन आंदोलन पर बैठ गए हैं। छात्रों ने अपने प्रदर्शन स्थल को ‘नर्सिंग का जंतर-मंतर’ नाम दिया है। छात्रों का कहना है कि उनकी लड़ाई सिर्फ परीक्षा और परिणाम के लिए नहीं, बल्कि अपने भविष्य और शिक्षा के अधिकार के लिए है।
हजारों छात्रों का भविष्य अधर में
छात्र मध्यप्रदेश सरकार, नर्सिंग काउंसिल और संबंधित विभागों के सामने नर्सिंग शिक्षा व्यवस्था की समस्याएं उठाना चाहते हैं। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन की लापरवाही और अधिकारियों की कथित अनियमितताओं के कारण हजारों छात्रों का भविष्य अधर में है।NSUI के प्रदेश सचिव रामसेवक गुर्जर का दावा है कि ग्वालियर-चंबल संभाग के करीब 56 नर्सिंग कॉलेजों के हजारों छात्र छात्राएं लंबे समय से परेशान हैं। छात्रों के मुताबिक GNM का 3 साल का कोर्स 6 साल तक खिंच रहा है, जबकि BSC नर्सिंग का 4 साल का कोर्स 7 साल तक पहुंच गया है। इसके बावजूद डिग्री कब मिलेगी, इसकी कोई निश्चितता नहीं है।
आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ा
परेशान छात्रों के अनुसार BSC नर्सिंग सत्र 2020, 2021 और 2022 के अलावा GNM सत्र 2021 और 2022 की परीक्षाएं, उनके परिणाम लंबे समय से लंबित हैं। छात्रों का आरोप है कि ग्वालियर में कई नर्सिंग कॉलेज नियमों के विपरीत संचालित हो रहे हैं। एक ही बिल्डिंग में कई कॉलेज और कोर्स संचालित होने, फर्जी फैकल्टी के नाम पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। कई छात्रों की स्कॉलरशिप नहीं आई। ऐसे छात्रों की फीस माफ करने की मांग की जा रही है। इस प्रदर्शन के जरिये उनका कहना है कि सरकार के संज्ञान में मामला होने के बावजूद धरातल पर कार्रवाई नहीं हुई,इसलिए उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ा।
इस प्रदर्शन के जरिये चार प्रमुख मांगें
- GNM और BSC नर्सिंग के सभी लंबित परीक्षा परिणाम जल्द जारी किए जाएं
- लंबित परीक्षाओं की तारीख घोषित कर समयबद्ध कार्यक्रम जारी हो
- सभी पात्र छात्रों को बिना शर्त लंबित परीक्षाओं में शामिल किया जाए,क्योंकि प्रशासनिक लापरवाही के लिए छात्र जिम्मेदार नहीं हैं
- कॉलेज की लापरवाही से जिन छात्रों की स्कॉलरशिप रुकी है,उनकी फीस माफ की जा
स्कूली शिक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस का प्रदेशव्यापी अभियानः जीतू पटवारी बोले- ‘श्वेत पत्र जारी करे सरकार’, वंदे मातरम पर भाजपा को घेरा
शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन युवाओं ने नर्सिंग को अपना करियर बनाने के लिए सालों की मेहनत और फीस खर्च की,अगर उनकी पढ़ाई और परीक्षाएं ही समय पर पूरी नहीं होंगी,तो उनके भविष्य की जिम्मेदारी कौन लेगा? तीन साल का कोर्स छह साल और चार साल का कोर्स सात साल में पूरा होना सिर्फ छात्रों की परेशानी नहीं, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।नर्सिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में पढ़ने वाले छात्रों का समय पर शिक्षित और प्रशिक्षित होना स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए भी जरूरी है।
अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा
ऐसे में परीक्षा, परिणाम, मान्यता और स्कॉलरशिप जैसी व्यवस्थाओं में लगातार देरी छात्रों के करियर के साथ-साथ शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करती है। बहरहाल ऐसे हालातों के बाद छात्रों ने साफ कहा है कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि शिक्षा के अधिकार और अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए है। जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक कटोरा ताल फ्लैग पॉइंट पर उनका अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा।
निकाह तय होने के बाद मंगेतर से बंद हुई बातचीतः मानसिक तनाव में युवती ने की आत्महत्या, पुलिस जांच में जुटी
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

