कोरापुट। ओडिशा के कोरापुट जिले में स्थित सीमांत कोटिया क्षेत्र में पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश की घुसपैठ और हस्तक्षेप का मामला एक बार फिर गरमा गया है। दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से जारी सीमा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है और आंध्र प्रदेश के अधिकारियों द्वारा बार-बार की जा रही घुसपैठ से स्थानीय स्तर पर भ्रम और तनाव की स्थिति पैदा हो रही है।
हालिया घटनाक्रम में, आंध्र प्रदेश के सालूर के तहसीलदार सुरेश बाबू के नेतृत्व में कुछ प्रशासनिक और राजस्व अधिकारियों की एक टीम अचानक कोटिया सीमा से सटे गांवों में पहुंच गई। आंध्र के अधिकारियों ने कोटिया के सीमावर्ती गांवों ऊपरी सेम्बी, निचली सेम्बी और नेरेडी बालसा का दौरा किया।
वोटर लिस्ट की जांच और जनगणना फॉर्म भरवाने पर विवाद
इन गांवों में पहुंचकर आंध्र प्रदेश के अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों से जनगणना को लेकर पूछताछ शुरू कर दी। इसके साथ ही, वे यह जांच करने लगे कि स्थानीय लोगों के नाम आंध्र प्रदेश की मतदाता सूची (Voter List) में शामिल हैं या नहीं। इतना ही नहीं, आंध्र के अधिकारियों ने वहां के ग्रामीणों से जबरन आंध्र प्रदेश का जनगणना फॉर्म भी भरवाया। इस अचानक हुई कार्रवाई के कारण कोटिया के सीधे-साधे ग्रामीणों के बीच भारी असमंजस और डर का माहौल बन गया है।
ओडिशा सरकार पहले ही पूरी कर चुकी है प्रक्रिया
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ओडिशा सरकार इस क्षेत्र में अपनी प्रशासनिक पकड़ मजबूत रखते हुए शत-प्रतिशत जनगणना और घरेलू सर्वेक्षण का काम पहले ही सफलतापूर्वक पूरा कर चुकी है। ओडिशा प्रशासन द्वारा कोटिया क्षेत्र के विकास के लिए लगातार कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं और स्थानीय लोगों को सभी सरकारी सुविधाएं दी जा रही हैं।
ऐसे में ओडिशा की सीमा के भीतर आकर आंध्र प्रदेश के अधिकारियों द्वारा समानांतर रूप से जनगणना फॉर्म भरवाना और अपनी मतदाता सूची की जांच करना, ओडिशा के प्रशासनिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन माना जा रहा है।
एक सुविचारित रणनीति का हिस्सा
स्थानीय बुद्धिजीवियों और जानकारों का मानना है कि आंध्र प्रदेश के अधिकारियों की यह हरकत कोई सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि कोटिया क्षेत्र के गांवों को अपनी ओर आकर्षित करने और उन पर दावा ठोकने की एक सुविचारित रणनीति का हिस्सा है। इस घटना के बाद सीमावर्ती इलाकों में एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक सरगर्मी तेज हो गई है। अब देखना यह है कि ओडिशा सरकार और कोरापुट जिला प्रशासन आंध्र प्रदेश की इस नई चाल का मुकाबला करने के लिए क्या सख्त कदम उठाते हैं।
Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H

