Odisha Desk, भुवनेश्वर: ओडिशा स्वच्छ ऊर्जा के युग में मजबूती से कदम बढ़ा रहा है। राज्य सरकार ने जिला प्रशासनों और शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शनों के विस्तार में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, जिन क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा पहले से मौजूद है, वहां पात्र तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) उपभोक्ताओं को पीएनजी में स्थानांतरित (माइग्रेट) करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कहा गया है।

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय से मिले एक पत्र के बाद आवास और शहरी विकास विभाग द्वारा यह निर्देश जारी किया गया। अधिकारियों के अनुसार, पीएनजी एक सुरक्षित, स्वच्छ और अधिक टिकाऊ रसोई ईंधन है। इस कदम से आयातित एलपीजी पर निर्भरता कम होगी, सब्सिडी का बोझ घटेगा और सिलेंडरों की कालाबाजारी पर रोक लगेगी।

नगर पालिका प्रशासन के निदेशक अरिंदम डाकुआ ने सभी जिला कलेक्टरों, नगर निगम आयुक्तों, नगर पालिकाओं और एनएसी (NACs) के कार्यकारी अधिकारियों को पत्र लिखकर सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) संस्थाओं के साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया है।

इस पहल के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

जिन उपभोक्ताओं के पास पहले से पीएनजी कनेक्शन है, उन्हें एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। पीएनजी-सक्षम क्षेत्रों में पात्र एलपीजी उपयोगकर्ताओं को नए कनेक्शन पर स्विच करने में मदद की जाएगी। स्थानीय निकाय पीएनजी की सुरक्षा, सुविधा और पर्यावरणीय लाभों पर जागरूकता अभियान चलाएंगे। सीजीडी (CGD) ऑपरेटरों को बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए पूरा प्रशासनिक सहयोग दिया जाएगा।

यह पहल इसी वर्ष अप्रैल में अधिसूचित ‘ओडिशा सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नीति, 2026’ के बिल्कुल अनुरूप है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक गैस के बुनियादी ढांचे को गति देना और राज्य के स्वच्छ ऊर्जा इकोसिस्टम को मजबूत करना है।

अधिकारियों का मानना है कि पीएनजी को बड़े पैमाने पर अपनाने से न केवल निर्बाध ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित होगी, बल्कि पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम होगी, जिससे एक ऊर्जा-कुशल शहरी भविष्य का निर्माण होगा।

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