भुवनेश्वर। ओडिशा सिविल सेवा (OCS) परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए राज्य सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बड़ा ऐलान किया है। ओडिशा लोक सेवा आयोग (OPSC) की ओर से आयोजित OCS परीक्षा में अब अधिकतम 6 प्रयासों की सीमा नहीं रहेगी। अभ्यर्थी निर्धारित अधिकतम आयु सीमा के भीतर जितनी बार पात्र होंगे, उतनी बार परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भुवनेश्वर के गांधी मार्ग पर आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में यह घोषणा की। मुख्यमंत्री के इस फैसले से उन अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो छह प्रयास पूरे होने के कारण परीक्षा में शामिल नहीं हो पा रहे थे, लेकिन अभी भी निर्धारित आयु सीमा के भीतर हैं।

आयु सीमा तक परीक्षा देने का मिलेगा मौका

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि OCS परीक्षा में लागू 6 प्रयासों की सीमा को समाप्त किया जाएगा। अब योग्य उम्मीदवार अपनी निर्धारित अधिकतम आयु सीमा तक परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।

इस बदलाव से उन अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा में अवसर बढ़ जाएंगे, जो तैयारी के बावजूद सीमित प्रयासों के कारण प्रतियोगिता से बाहर हो जाते थे। हालांकि, परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को OCS के अन्य निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा।

सरकारी नौकरी की अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सरकारी नौकरियों में प्रवेश के लिए अधिकतम आयु सीमा को बढ़ाकर 42 वर्ष किए जाने की भी जानकारी दी। सरकार के इस फैसले से उन अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो पहले निर्धारित आयु सीमा के करीब पहुंच चुके थे।

आयु सीमा बढ़ने से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने के लिए अतिरिक्त समय और अवसर मिल सकेंगे।

अनुकंपा नियुक्ति के नियमों में भी राहत

राज्य सरकार ने अनुकंपा के आधार पर होने वाली नियुक्तियों को लेकर भी नियमों में ढील देने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि इससे पात्र परिवारों को नियुक्ति प्रक्रिया में राहत मिलेगी और लंबे समय से लंबित मामलों के समाधान का रास्ता आसान हो सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और जरूरतमंद उम्मीदवारों के लिए सुगम बनाना है।

भर्ती परीक्षाओं में भ्रष्टाचार पर सख्त रुख

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता पर भी जोर दिया। उन्होंने किसी भी तरह के भ्रष्टाचार और अनियमितता को अक्षम्य अपराध बताया।

उन्होंने परीक्षा माफिया और भर्ती परीक्षाएं कराने वाले अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में थोड़ी भी लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसी भी तरह की अनियमितता सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में हर उम्मीदवार को समान अवसर मिलना चाहिए और परीक्षाओं का आयोजन भ्रष्टाचार मुक्त माहौल में होना चाहिए।

अभ्यर्थियों के लिए बढ़ेंगे अवसर

OCS परीक्षा से 6 प्रयासों की सीमा हटाने और सरकारी नौकरियों की अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष करने के फैसले को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे खास तौर पर उन उम्मीदवारों को फायदा मिल सकता है, जो सीमित प्रयासों के कारण परीक्षा से बाहर हो जाते थे या आयु सीमा के कारण आवेदन नहीं कर पाते थे।

राज्य सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है। OCS परीक्षा में प्रयासों की सीमा हटाने का फैसला इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।

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