भुवनेश्वर: ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच लंबे समय से लंबित नेरेडी बैराज निर्माण और विस्तार परियोजना को लेकर बड़ा प्रगति देखने को मिली है। ओडिशा सरकार ने बैराज के निर्माण के लिए आंध्र प्रदेश को 106 एकड़ जमीन मुहैया कराने का फैसला किया है। तय समय सीमा के अनुसार, आगामी एक वर्ष के भीतर ओडिशा की ओर से यह जमीन आंध्र प्रदेश को हस्तांतरित कर दी जाएगी।

परियोजना के कारण प्रभावित होने वाले क्षेत्रों और अधिग्रहित की जाने वाली भूमि के लिए आवश्यक मुआवजा आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान किया जाएगा। दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए एक संयुक्त समिति का गठन किया गया है। आगामी 28 तारीख को ओडिशा और आंध्र प्रदेश की यह संयुक्त समिति (जॉइंट कमेटी) परियोजना स्थल का दौरा कर स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन करेगी।

उल्लेखनीय है कि वंशधारा नदी जल विवाद को लेकर दोनों राज्यों के बीच लंबे समय तक गतिरोध बना हुआ था। ट्रिब्यूनल की ओर से नेरेडी बैराज के निर्माण को हरी झंडी मिलने के बाद अब इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का रास्ता साफ हो गया है। दोनों राज्यों के इस सकारात्मक और साझा कदम से परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। इस बैराज के बनने से दोनों राज्यों के सीमावर्ती इलाकों में जल प्रबंधन और सिंचाई सुविधाओं में सुधार होगा।