Odisha Desk, भुवनेश्वर: ओडिशा सरकार राज्य की प्रसिद्ध एवं पारंपरिक चावल किस्मों को उच्च मूल्य वाले कृषि ब्रांडों में बदलने की व्यापक तैयारी कर रही है। इस पहल के तहत अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (IRRI), फिलीपींस के साथ मिलकर राज्य में चावल की खेती के विस्तार, प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) क्षमता को मजबूत करने और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नए अवसर पैदा करने की योजना बनाई गई है।

इस प्रस्तावित सहयोग को लेकर भुवनेश्वर स्थित लोक सेवा भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उप मुख्यमंत्री तथा कृषि मंत्री कनक वर्धन सिंह देव और अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (IRRI) के प्रतिनिधिमंडल के बीच विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में राज्य के वरिष्ठ कृषि अधिकारी और IRRI के प्रमुख वैज्ञानिक उपस्थित रहे।

इस पूरी परियोजना के केंद्र में ओडिशा की सुगंधित देसी किस्म ‘कालाजीरा’ चावल है, जो अपने अनोखे स्वाद और प्रीमियम बाजार मूल्य के लिए जानी जाती है। राज्य सरकार एक प्रदर्शन परियोजना (डेमोन्स्ट्रेशन प्रोजेक्ट) के माध्यम से इसकी खेती का दायरा बढ़ाने की योजना बना रही है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना और इस दुर्लभ फसल की पारंपरिक विशेषताओं को बनाए रखना है।

IRRI इस साझेदारी के तहत तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान करेगा ताकि कालाजीरा और अन्य विशेष किस्मों, विशेषकर कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स (Low-GI) वाले चावल, की सुगंध, आनुवंशिक शुद्धता और गुणवत्ता को सुरक्षित रखा जा सके।

यह साझेदारी केवल खेती तक सीमित न रहकर चावल के मूल्यवर्धित उत्पादों (value-added products) पर भी ध्यान केंद्रित करेगी। इसके तहत टूटे हुए चावल से विभिन्न खाद्य पदार्थ तैयार किए जाएंगे, जिससे किसानों को सामान्य मिलिंग की तुलना में अधिक आर्थिक लाभ मिल सके।

प्रसंस्करण अवसंरचना: स्थानीय राइस मिलों को मजबूत किया जाएगा और आधुनिक प्रसंस्करण इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित किया जाएगा।

महिला सशक्तिकरण: स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और ग्रामीण महिलाओं को मूल्य संवर्धन गतिविधियों से जोड़कर उन्हें उद्यमी बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

बाजार से जुड़ाव: खरीदार-विक्रेता (buyer-seller) मंचों के माध्यम से मजबूत मार्केट लिंकेज स्थापित किए जाएंगे।

ओडिशा की समृद्ध चावल विरासत को संरक्षित करते हुए किसानों के लिए टिकाऊ आजीविका के नए द्वार खोलने की दिशा में यह साझेदारी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H