Union Bank Gold Loan Scam: भुवनेश्वर में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में 2.12 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी गोल्ड लोन घोटाले का मामला सामने आया है। ओडिशा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने मामले में बैंक के ब्रांच मैनेजर सत्यब्रत भोई को गिरफ्तार किया है।
भुवनेश्वर। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में गोल्ड लोन के नाम पर करोड़ों रुपये के कथित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। ओडिशा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने मामले में बैंक के ब्रांच मैनेजर सत्यब्रत भोई को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी ने बैंक के कर्मचारियों के साथ कथित मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेजों और नकली सोने के आभूषणों के आधार पर करीब 100 गोल्ड लोन मंजूर किए।

EOW के मुताबिक, इस फर्जीवाड़े से बैंक को 2.12 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। मामले में अब घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
2023 से जून 2024 तक चलता रहा फर्जीवाड़ा
जांच के अनुसार, सत्यब्रत भोई सितंबर 2022 से बालेश्वर स्थित जोड़ा शाखा में ब्रांच मैनेजर के पद पर कार्यरत था। आरोप है कि वर्ष 2023 से जून 2024 के बीच उसने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए फर्जी दस्तावेजों और नकली आभूषणों को गिरवी रखकर कुल 100 गोल्ड लोन मंजूर किए।
लोन मंजूर होने के बाद बैंक की राशि जारी की गई। जांच एजेंसी का आरोप है कि इसके बाद बैंक के पैसों का गबन किया गया, जिससे बैंक को करोड़ों रुपये का वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा।
गोल्ड की जांच से लेकर KYC तक थी मैनेजर की जिम्मेदारी
EOW ने बताया कि मामले की जांच यूनियन बैंक के बालेश्वर क्षेत्रीय कार्यालय के प्रमुख आशुतोष सुशील कुमार पटनायक की लिखित शिकायत के बाद शुरू की गई थी।
जांच के दौरान सामने आया कि ब्रांच मैनेजर के तौर पर सत्यब्रत भोई पर गोल्ड लोन से जुड़ी कई अहम जिम्मेदारियां थीं। इनमें गिरवी रखे गए सोने की भौतिक जांच, कर्ज लेने वाले ग्राहकों की पात्रता की जांच, KYC सत्यापन और लोन से संबंधित दस्तावेजों की सुरक्षा शामिल थी।
आरोप है कि इन जिम्मेदारियों का सही तरीके से पालन करने के बजाय भोई ने अपने पद का दुरुपयोग किया और बैंक के अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर फर्जी तरीके से लोन मंजूर किए।
2.12 करोड़ से ज्यादा की रकम का मामला
EOW के अनुसार, जांच में अब तक करीब 100 गोल्ड लोन का पता चला है, जिनमें फर्जी दस्तावेजों और नकली सोने के आभूषणों का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है। इन लोन के जरिए बैंक से जारी की गई राशि और कथित गबन से बैंक को 2.12 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।
OPID एक्ट के तहत अदालत में पेश किया गया

गिरफ्तारी के बाद EOW ने सत्यब्रत भोई को सोमवार को ओडिशा डिपॉजिटर्स इंटरेस्ट प्रोटेक्शन (OPID) अधिनियम के तहत नामित विशेष अदालत में पेश किया।
फिलहाल आर्थिक अपराध शाखा मामले की आगे जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, घोटाले में शामिल अन्य सहयोगियों की पहचान करने और गबन की गई रकम को ट्रैक करने के लिए पूछताछ जारी है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
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