भुवनेश्वर: जब दो दूरदर्शी सोच एक साथ मिलती हैं, तो प्रगति का रास्ता और आसान हो जाता है. ओडिशा को विकास के ग्लोबल मैप पर चमकाने के संकल्प के साथ, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने लोक सेवा भवन में भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग से एक बेहद आत्मीय और महत्वपूर्ण मुलाकात की. यह सिर्फ एक औपचारिक बैठक नहीं थी, बल्कि ओडिशा की संभावनाओं और सिंगापुर की अत्याधुनिक तकनीक के मिलन की एक नई शुरुआत थी.

इस बैठक में दोनों नेताओं के बीच सिर्फ कागज़ी बातें नहीं हुईं, बल्कि ज़मीन पर बदलाव लाने का एक पूरा रोडमैप तैयार किया गया. आने वाले दिनों में सिंगापुर की मदद से ओडिशा के शहरों की प्लानिंग और बेहतर होगी. इसके साथ ही ग्रीन एनर्जी (हरित ऊर्जा), हाई-टेक पोर्ट्स, टेक्नोलॉजी और युवाओं के कौशल विकास जैसे सेक्टर्स में दोनों पक्ष मिलकर काम करेंगे.

‘समृद्ध ओडिशा 2036’ का सपना होगा साकार

मुख्यमंत्री श्री माझी ने ओडिशा के विजन को साझा करते हुए भावुक और दृढ़ शब्दों में कहा: “हमारा लक्ष्य सिर्फ आज को बेहतर बनाना नहीं है, बल्कि ‘समृद्ध ओडिशा 2036’ और प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को पूरा करना है. इस ऐतिहासिक सफर में सिंगापुर हमारा एक स्वाभाविक और भरोसेमंद साथी है.”

लालफीताशाही ख़त्म, निवेशकों के लिए खुलेगा ‘सिंगल विंडो’ का रास्ता

मुख्यमंत्री ने पुरानी फाइलों की धूल झाड़ते हुए साफ़ कहा कि पूर्व में सिंगापुर के राष्ट्रपति डॉ. थरमन शमुगरत्नम की यात्रा के दौरान तय हुए 8 समझौतों (MoUs) को अब बिना देरी के ज़मीन पर उतारा जाएगा. निवेशकों को किसी कागज़ी पचड़े में न फंसना पड़े, इसके लिए एक खास ‘स्ट्रक्चर्ड एंगेजमेंट मैकेनिज्म’ (सुसंगठन संपर्क व्यवस्था) बनाई जा रही है. यानी निवेशकों के लिए ‘सिंगल-विंडो क्लीयरेंस’ होगा और फैसले पलक झपकते ही लिए जाएंगे. सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग भी मुख्यमंत्री की इस गर्मजोशी और तेज़ी से प्रभावित दिखे. उन्होंने ओडिशा की इस प्रगति यात्रा में हर कदम पर साथ चलने का भरोसा दिलाया.