वाराणसी. उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के महिलाओं को 40 हजार रुपये देने के वादे पर तीखा हमला बोला है. राजभर ने कहा कि जब अखिलेश यादव पांच साल मुख्यमंत्री रहे, तब उन्हें पिछड़े, दलित, महिला और नौजवान दिखाई नहीं दिए. अब चुनाव आते ही बड़े-बड़े वादे किए जा रहे हैं.

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राजभर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य महिलाओं को लखपति दीदी बनाकर उन्हें रोजगार और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है. इसी कड़ी में महिलाओं को आर्थिक मदद और रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि राजस्थान, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार में ये योजनाएं चल रही हैं. अब उत्तर प्रदेश में चुनाव हैं, इसलिए विपक्षी दल महिलाओं को लेकर राजनीति कर रहे हैं. राजभर ने दावा किया कि सरकार महिलाओं के लिए योजनाएं चला रही है और रोजगार से जोड़ने का काम कर रही है.

रक्षाबंधन पर बस यात्रा का जिक्र

राजभर ने कहा कि 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई है. वहीं रक्षाबंधन के मौके पर 27, 28 और 29 अगस्त को महिलाओं को बस किराये में पूरी छूट देने की बात कही गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का महिलाओं को आत्मनिर्भर और लखपति बनाने का प्रयास कांग्रेस और सपा को पसंद नहीं आ रहा है. राजभर ने कहा कि विपक्षी दल महिलाओं के हितैषी होने का दावा तो करते हैं, लेकिन महिला आरक्षण विधेयक का विरोध कर चुके हैं.

अखिलेश के 40 हजार के वादे पर तंज

अखिलेश यादव के महिलाओं को 40 हजार रुपये देने के वादे पर राजभर ने कहा, “न नौ मन गेहूं होगा, न राधे गौने जाएंगी.” उन्होंने इसे विपक्ष का चुनावी वादा बताते हुए सवाल उठाया कि सरकार में रहते हुए सपा ने महिलाओं के लिए क्या किया?

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राम मंदिर चोरी मामले पर भी बोले

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर राजभर ने कहा कि एजेंसी से जुड़े लोगों ने चोरी की थी. उनके मुताबिक, एसआईटी की जांच में भाजपा या मंदिर से जुड़े किसी साधू-संत के नाम सामने नहीं आए हैं. राजभर ने कहा कि जनता ने विपक्षी नेताओं को सिर्फ ड्रामा करने के लिए संसद नहीं भेजा है. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ना है, जबकि विपक्ष केवल चुनावी वादे कर रहा है.