गांधीनगर: गुजरात के गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में प्रतिष्ठित ‘वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम (WCEF)-2026’ के 10वें संस्करण का भव्य शुभारंभ हुआ। दक्षिण एशिया में पहली बार आयोजित हो रहे इस वैश्विक सम्मेलन का उद्घाटन गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने किया। इस अवसर पर राज्य के वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया तथा राज्य मंत्री प्रवीण माली समेत केंद्र व राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
18 सितंबर तक चलने वाले इस 4 दिसीय फोरम में 66 देशों के 2000 से अधिक प्रतिनिधि, वैज्ञानिक और उद्यमी भाग ले रहे हैं। इसमें 200 से अधिक अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ और 55 से ज्यादा वक्ता वैश्विक उत्सर्जन घटाने, सर्कुलर बिजनेस मॉडल अपनाने और टिकाऊ आर्थिक विकास पर चर्चा कर रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने 125 से अधिक स्टॉलों वाले ‘सर्कुलैरिटी एक्सपोज़’ का भी उद्घाटन किया, जिसमें ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’, ग्रीन इनोवेशन और रीसाइक्लिंग टेक्नोलॉजी का प्रदर्शन किया गया है।
मुख्य बातें:
- मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल: सीएम ने कहा कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। गुजरात से शुरू हुई यह चिंतन यात्रा न केवल अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी सुरक्षित करेगी।
- केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने कहा कि सर्कुलर इकोनॉमी का असली अर्थ सिर्फ रीसाइक्लिंग नहीं है, बल्कि कचरा बनने ही न देना और संसाधनों का कुशलतापूर्वक पुनः उपयोग करना है।
- 2050 तक $2 ट्रिलियन डॉलर का अवसर: पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने बताया कि भारत में सर्कुलर इकोनॉमी का बाजार मूल्य वर्ष 2050 तक 2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक होने और लगभग 1 करोड़ नए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।



