लाल सागर क्षेत्र में लगातार बिगड़ रहे सुरक्षा हालात को लेकर भारत ने गंभीर चिंता जताई है। भारत ने सऊदी अरब के विभिन्न इलाकों में हूती विद्रोहियों की ओर से किए गए हमलों की भी कड़ी निंदा की है। इन हमलों में आम नागरिकों और आर्थिक संपत्तियों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं शामिल हैं।
लाल सागर में बढ़ते संघर्ष को भारत ने बताया अस्वीकार्य
शुक्रवार को विदेश मंत्रालय की ब्रीफिंग के दौरान प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि लाल सागर क्षेत्र में लगातार हो रहे हमलों से क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता प्रभावित हो रही है। उन्होंने मौजूदा स्थिति को पूरी तरह अस्वीकार्य बताते हुए उम्मीद जताई कि संघर्ष प्रभावित क्षेत्र में जल्द शांति और स्थिरता बहाल होगी।
जायसवाल ने कहा कि भारत लाल सागर में सुरक्षा स्थिति बिगड़ने को लेकर काफी चिंतित है। उन्होंने सऊदी अरब के क्षेत्रों पर हुए हमलों की निंदा करते हुए कहा कि नागरिकों और आर्थिक संपत्तियों को निशाना बनाने वाली ऐसी घटनाएं क्षेत्रीय शांति के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।
बाब अल-मन्दब में आवाजाही की स्वतंत्रता पर खतरा
भारत ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाब अल-मन्दब जलडमरूमध्य से होकर जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही को लेकर भी चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, लगातार होने वाले हमले इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग की स्वतंत्र आवाजाही के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। भारत ने कहा कि वह अपने राजनयिक माध्यमों के जरिए क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
भारत समेत एशियाई देशों के व्यापार पर पड़ सकता है असर
लाल सागर और बाब अल-मन्दब वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए महत्वपूर्ण मार्ग हैं। इस क्षेत्र में संघर्ष बढ़ने या समुद्री आवाजाही बाधित होने की स्थिति में भारत समेत एशिया के कई देशों के व्यापार और सप्लाई चेन पर असर पड़ सकता है। भारत ने क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति, सुरक्षा और स्थिरता बहाल किए जाने की उम्मीद जताई है।
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