पटना। शहर से सटे नौबतपुर थाना क्षेत्र से एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां अमरपुरा गांव में एक साल से चल रहे प्रेम प्रसंग का अंत आखिरकार एक खूबसूरत और चौंकाने वाले मोड़ पर हुआ। छिपकर मिलते हुए रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद गांव वालों और परिजनों ने मिलकर आधी रात को प्रेमी जोड़े की शिव मंदिर में धूमधाम से शादी करवा दी। इस घटना की चर्चा पूरे इलाके में जोरों पर है।

​मशरूम प्लांट में काम करने के दौरान हुई थी शुरुआत

​मिली जानकारी के अनुसार, अमरपुरा गांव के रहने वाले स्वर्गीय अजय मोची की बेटी सिमरन और उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के रहने वाले मोनू कुमार के बीच पिछले करीब एक साल से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। बताया जाता है कि दोनों नौबतपुर थाना क्षेत्र के छोटी टेंगरैला स्थित एक मशरूम प्लांट में एक साथ काम करते थे। इसी दौरान दोनों की पहली मुलाकात हुई, जो धीरे-धीरे गहरी दोस्ती और फिर प्यार में बदल गई। काम के सिलसिले में अक्सर मुलाकात होने के कारण दोनों एक-दूसरे के करीब आ गए थे।

​घरवालों ने छिपकर मिलते हुए पकड़ा

​पिछले एक साल से दोनों छिपकर एक-दूसरे से मिलते और फोन पर बातचीत करते थे। हालांकि, यह छिपाव ज्यादा दिनों तक नहीं चल सका और सिमरन के परिजनों को इस रिश्ते की भनक लग गई। मंगलवार को घरवालों ने दोनों को एक बार फिर छिपकर मिलते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद मामला तूल पकड़ने के बजाय आपसी सहमति और सामाजिक समझौते की ओर बढ़ गया। परिवार के सदस्यों और गांव के गणमान्य लोगों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच लंबी बातचीत हुई। गनीमत यह रही कि दोनों ने एक-साथ जीने-मरने की रजामंदी दे दी, जिसके बाद परिवार ने तुरंत उनकी शादी कराने का बड़ा फैसला ले लिया।

​आधी रात को शिव मंदिर में गूंजे मंत्र

​परिवार और ग्रामीणों के संयुक्त निर्णय के बाद मंगलवार देर रात अमरपुरा गांव के ही एक प्राचीन शिव मंदिर में इस अनोखे विवाह की रस्में पूरी की गईं। रात के सन्नाटे में मंदिर परिसर रोशनी से जगमगा उठा और ग्रामीणों की मौजूदगी में मोनू ने सिमरन की मांग में सिंदूर भरा। विवाह की सभी पारंपरिक रस्में पूरी होने के बाद दोनों को पति-पत्नी के रूप में स्वीकार करते हुए साथ रहने के लिए विदा कर दिया गया। इस घटना का वीडियो और चर्चा अब पूरे क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।