शेख आरिफ, श्योपुर। मध्यप्रदेश के श्योपुर में प्रशासनिक लापरवाही और संवेदनहीनता का मामला सामने आया है। बीते मंगलवार को जिला मुख्यालय पर आयोजित जनसुनवाई में न्याय की गुहार लगाने पहुंचे बुजुर्ग देवेंद्र गोयल ने अधिकारियों के सामने जहर खा लिया, जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना से अग्रवाल समाज सहित शहर के अन्य समाजों में भारी आक्रोश फैल गया है।

शव को सड़क पर रख प्रदर्शन

बुजुर्ग की मौत से नाराज लोगों और परिजनों ने बुधवार सुबह 10 बजे से शहर के प्रमुख जय स्तंभ चौक पर टेंट लगाकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के शव को सड़क पर रखकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का आरोप है कि जनसुनवाई जनता की समस्याओं के समाधान के लिए होती है, लेकिन अधिकारी पूरी तरह संवेदनहीन बने रहे। जब बुजुर्ग चिल्ला-चिल्ला कर कह रहा था कि उसने जहर खा लिया है, तब भी अधिकारियों ने उसे अस्पताल भेजने या उसकी बात सुनने की बजाय उसका तमाशा बनाया, मोबाइल से फोटो खींचे और वीडियो बनाते रहे। प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार मनीषा मिश्रा को जिम्मेदार ठहराते हुए हत्या का मुकदमा (FIR) दर्ज करने की मांग की है।

कलेक्टर के आश्वासन के बाद मामला शांत

चक्काजाम और बढ़ते आक्रोश को देखते हुए जिला प्रशासन और कलेक्टर शीला दाहिमा ने मोर्चा संभाला। प्रशासन ने मृतक के परिजनों से लंबी चर्चा की और उन्हें निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन देकर समझाइश दी। पीड़ित परिवार को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक सौंपा गया। विवादित दुकान पर पीड़ित परिवार को वापस कब्जा दिलवाने का भरोसा और आरोपी तहसीलदार मनीषा मिश्रा को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त (हटाकर) निर्वाचन कार्यालय में अटैच कर दिया गया है। कलेक्टर के इस आश्वासन के बाद परिजन और समाज के लोग शांत हुए और धरना समाप्त किया।

बिहारी सिंह सोलंकी, बसपा नेता
शीला दाहिमा (कलेक्टर, श्योपुर)

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