Lifestyle Desk – सलाद को हमेशा से हेल्दी खानपान का अहम हिस्सा माना जाता है. वजन कम करने से लेकर पाचन को बेहतर बनाने और शरीर को जरूरी विटामिन व मिनरल्स देने तक, सलाद के कई फायदे हैं. हालांकि, कई लोग सलाद का स्वाद बढ़ाने के लिए उस पर पैक्ड ड्रेसिंग का इस्तेमाल करते हैं. बाजार में मिलने वाली ये ड्रेसिंग स्वाद में भले ही बेहतरीन लगती हों, लेकिन इनके नियमित सेवन से स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. खासकर हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप के जोखिम को बढ़ाने में इनका योगदान हो सकता है. आइए जानते हैं कैसे ये नुकसान पहुंचा सकते हैं.

पैक्ड सलाद ड्रेसिंग में होता है अधिक सोडियम
अधिकांश पैक्ड सलाद ड्रेसिंग में स्वाद और शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए काफी मात्रा में सोडियम मिलाया जाता है. सोडियम शरीर में पानी को रोककर रखने का काम करता है, जिससे रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ सकता है. जब शरीर में सोडियम की मात्रा जरूरत से ज्यादा हो जाती है, तो ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा भी बढ़ जाता है. कई बार लोग यह सोचकर सलाद खाते हैं कि वे हेल्दी भोजन कर रहे हैं, लेकिन ड्रेसिंग के जरिए अनजाने में अधिक नमक का सेवन कर लेते हैं. यह स्थिति विशेष रूप से उन लोगों के लिए चिंताजनक हो सकती है, जिन्हें पहले से हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग या किडनी से जुड़ी समस्याएं हैं.
प्रिजर्वेटिव्स और एडिटिव्स भी बन सकते हैं समस्या
पैक्ड ड्रेसिंग में लंबे समय तक ताजगी बनाए रखने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रिजर्वेटिव्स और फ्लेवरिंग एजेंट्स का इस्तेमाल किया जाता है. कुछ ड्रेसिंग में अतिरिक्त चीनी, कृत्रिम स्वाद और अन्य एडिटिव्स भी मौजूद होते हैं. इनका अत्यधिक सेवन शरीर के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित कर सकता है और समय के साथ मोटापा, इंसुलिन रेजिस्टेंस तथा हृदय संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है.
हाई कैलोरी और फैट का भी होता है असर
कई क्रीमी सलाद ड्रेसिंग में संतृप्त वसा और कैलोरी की मात्रा काफी अधिक होती है. नियमित रूप से इनका सेवन करने से वजन बढ़ सकता है. विशेषज्ञ मानते हैं कि बढ़ता वजन हाई ब्लड प्रेशर के प्रमुख कारणों में से एक है. इसलिए सलाद के साथ अधिक मात्रा में ड्रेसिंग का इस्तेमाल उसकी पौष्टिकता को कम कर सकता है.
किन लोगों को अधिक सावधान रहने की जरूरत?
जिन लोगों को पहले से हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, किडनी की बीमारी या मोटापे की समस्या है, उन्हें पैक्ड ड्रेसिंग का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए. साथ ही, पैक्ड उत्पाद खरीदते समय न्यूट्रिशन लेबल को ध्यान से पढ़ना जरूरी है. कम सोडियम और कम चीनी वाले विकल्पों का चयन अपेक्षाकृत बेहतर माना जाता है.
घर पर तैयार करें हेल्दी ड्रेसिंग
बाजार में मिलने वाली ड्रेसिंग के बजाय घर पर बनी ड्रेसिंग को प्राथमिकता देने की सलाह देते हैं. नींबू का रस, दही, जैतून का तेल, काली मिर्च, लहसुन और ताजी जड़ी-बूटियों की मदद से स्वादिष्ट और पौष्टिक ड्रेसिंग तैयार की जा सकती है. इससे सोडियम और अनावश्यक एडिटिव्स का सेवन कम किया जा सकता है.

