सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों द्वारा हो रहे हमलों को लेकर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बड़ा बयान दिया है. ख्वाजा आसिफ ने साफ संकेत दिया कि अगर सऊदी अरब पर हमला जारी रहा, तो पाकिस्तान इसे केवल सऊदी के खिलाफ कार्रवाई के तौर पर नहीं देखेगा. पाकिस्तान-सऊदी के डिफेंस पैक्ट के मुताबिक भी एक देश पर हमला दूसरे देश पर हमला माना जाएगा.
यमन के विद्रोही हूतियों ने सऊदी अरब के चुन-चुनकर अहम ठिकानों पर हमला किया है. सऊदी अरब को निशाना बनाते हुए उसके शहरों, आर्थिक एवं ऊर्जा संरचनाओं को निशाना बनाते हुए हमले किए.
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि पाकिस्तान मक्का समझौता से बंधा हुआ है और जरूरत पड़ने पर अपनी जिम्मेदारी जरूर निभाएगा. ईंट का जवाब पत्थर से देना जरूरी नहीं होता, यानी हर आक्रामक कदम के जवाब में उसी तरह से जवाबी कार्रवाई करना जरूरी नहीं है.
उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब यमन में जारी तनाव को लेकर पूरे क्षेत्र में चिंता बनी हुई है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने यह बयान मंगलवार को मीडिया टीवी के साथ एक इंटरव्यू में दिया. उनके मुताबिक अगर तीन देशों में से किसी एक देश पर हमला होता है, तो उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा.
रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने आगे कहा, ‘इसमें कोई अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए, यह स्पष्ट करने की कोई जरूरत नहीं है कि यह एक संयुक्त रक्षा समझौता है।’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस समझौते के तहत सऊदी अरब के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करेगा.
आपको बताते चले कि सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने अगस्त में मक्का में एक रक्षा समझौता किया था. इस समझौते का उद्देश्य तीनों देशों के बीच सुरक्षा और सैन्य सहयोग को मजबूत करना है. इसके तहत किसी सदस्य देश पर बाहरी आक्रामकता की स्थिति में दूसरे सदस्य देशों के साथ खड़े होने की व्यवस्था बताई गई है.
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