पलवल पुलिस ने औरंगाबाद PNB एटीएम चोरी मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें कोर्ट से रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।

दीपक भारद्वाज ,पलवल। पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल (IPS) के कुशल निर्देशन में जिला पुलिस को अपराधियों के खिलाफ अभियान में एक बड़ी सफलता मिली है। क्राइम ब्रांच होडल की टीम ने औरंगाबाद गांव में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की एटीएम मशीन उखाड़कर ले जाने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान रफीक और उसमान (निवासी ममोलका, हथीन) और मुजफ्फर (निवासी सापनकी) के रूप में हुई है। पकड़े गए आरोपियों को माननीय अदालत में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

CCTV और पेट्रोल पंप से मिले अहम सुराग

होडल क्राइम ब्रांच प्रभारी निरीक्षक जगमिंदर सिंह ने बताया कि यह वारदात 27 अप्रैल 2026 को हुई थी। औरंगाबाद स्थित PNB बैंक के शाखा प्रबंधक पल्लव राज लोचन ने सूचना दी थी कि बदमाश एटीएम बूथ का शटर उखाड़कर पूरी मशीन ही चोरी कर ले गए हैं, जिसमें 4,39,000 रुपये की नकदी मौजूद थी। पुलिस जांच के दौरान सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें एक सुराग रायपुरी स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप से मिला। वहां आरोपी वारदात में प्रयुक्त टाटा नेक्सॉन गाड़ी में तेल डलवाते दिखे थे। इसी वाहन के जरिए पुलिस दिल्ली के ‘कार-जोन’ तक पहुंची, जहां से इसे रफीक और उसके साथियों ने खरीदा था।

तकनीकी जांच और रिमांड के दौरान खुलासे की उम्मीद

आरोपियों तक पहुंचने में घामडोज टोल टैक्स पर की गई एक डिजिटल ट्रांजेक्शन ने सबसे अहम भूमिका निभाई, जो आरोपी रफीक ने टोल भुगतान के लिए की थी। इस तकनीकी साक्ष्य और गुप्त सूचना के आधार पर 9 मई को पुलिस ने तीनों आरोपियों को गांव ममोलाका से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। पुलिस के अनुसार यह एक बेहद शातिर गिरोह है। वर्तमान में आरोपी तीन दिन के पुलिस रिमांड पर हैं, जिससे पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान क्षेत्र में हुई अन्य कई वारदातों का भी बड़ा खुलासा हो सकता है।