पलवल। जिले में 1,856 कनाल शामलात देह जमीन की अवैध खरीद-फरोख्त मामले में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) ने बड़ी कार्रवाई की है। इस महाघोटाले में ब्यूरो ने 7 तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों समेत कुल 112 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट (चालान) दाखिल कर दी है। आरोपियों में 105 ग्रामवासी, विक्रेता और खरीदार शामिल हैं।

विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, इस पूरे मामले की जांच माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में शुरू की गई थी। मैसर्स क्रिस्टल बायोटेक कंपनी द्वारा गांव अतवा (तहसील होडल, जिला पलवल) की शामलात देह जमीन की अवैध खरीद के संबंध में 14 मई 2012 को जांच दर्ज की गई थी।

ऐसे खुला घोटाले का खेल

जांच विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, जांच क्रमांक 02 दिनांक 08.06.2012 के दौरान पलवल के ग्राम फास्कू नगर में शामलात देह की अवैध खरीद-फरोख्त का गंभीर मामला सामने आया। जांच में पाया गया कि कुल 11 वसीकाओं (रजिस्ट्रियों) के माध्यम से 1,856 कनाल 13 मरला शामलात भूमि को गलत और अनुचित तरीके से बेचा और खरीदा गया था। इस फर्जीवाड़े से सरकार को भारी राजस्व की हानि हुई और सरकारी संपत्ति का भारी नुकसान हुआ।

पद का दुरुपयोग और मिलीभगत

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, वसीका पंजीकरण एवं इंतकाल दर्ज करने की प्रक्रिया में राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने आधिकारिक पद और भूमिका का जमकर दुरुपयोग किया। धांधली की पुष्टि होने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, फरीदाबाद थाना में 10 नवंबर 2022 को अभियोग संख्या 36 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ केस

इस मामले में राजस्व विभाग के तत्कालीन अधिकारियों और आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420, 120-बी, 409, 467, 468, 471 के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(डी) सहपठित 13(2) और पंजाब विलेज कॉमन लैंड्स एक्ट 1961 की धारा 13-ए के तहत चालान दाखिल किया गया है।

चार्जशीट में शामिल तत्कालीन अधिकारी और कर्मचारी:

विभाग से प्राप्त सूची के अनुसार, चार्जशीट में इन अधिकारियों को नामजद किया गया है:

  • तत्कालीन तहसीलदार: नरेश जोवल, मनबीर सिंह, ओम प्रकाश गोदारा
  • तत्कालीन रजिस्ट्री क्लर्क: भगवान सिंह, भूप सिंह
  • तत्कालीन पटवारी: ताराचन्द
  • तत्कालीन गिरदावर: वीरेन्द्र सिंह

  • इसके अलावा जमीन के अवैध सौदे में शामिल 105 ग्रामवासियों, विक्रेताओं और खरीदारों को भी आरोपी बनाया गया है। अब कुल 112 आरोपियों के खिलाफ माननीय न्यायालय श्री प्रतीक जैन, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, पलवल के समक्ष चालान पेश कर दिया गया है।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो का कहना है कि सरकारी संपत्ति की सुरक्षा उनका संकल्प है और पद का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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