मोहम्मद करीमुल्लाह, मधुबनी। बिहार की सम्राट सरकार ने हर माह के अंतिम रविवार को ‘पंचायत विकास दिवस’ के रूप में मनाने का फैसला किया है, जिसके आलोक में आज जून माह के अंतिम रविवार (28 जून) को मधुबनी जिले के सभी ग्राम पंचायतों में विभिन्न कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। झंझारपुर प्रखंड के महीनाथपुर पंचायत में आयोजित कार्यक्रम में जिले की प्रभारी मंत्री सह मंत्री, भवन निर्माण विभाग लेशी सिंह ने भाग लिया।

‘पंचायत विकास दिवस’ कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, ग्राम सभा के सदस्यों, पंचायत प्रतिनिधियों, जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिकों की सक्रिय सहभागिता रही। इसी क्रम में जिले के तमाम वरीय अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की समीक्षा करना उद्देश्य

इस अवसर पर लेशी सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि, आज ‘पंचायत विकास दिवस’ के अवसर पर आप सभी के बीच उपस्थित होकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। पंचायतें हमारे लोकतंत्र की आधारशिला हैं। गांवों के विकास से ही राज्य एवं राष्ट्र का समग्र विकास संभव है। उन्होंने कहा कि, बिहार सरकार द्वारा प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को पंचायत विकास दिवस आयोजित करने का उद्देश्य पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की समीक्षा, जनभागीदारी को बढ़ावा देना तथा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।

महिला हितैषी ग्राम पंचायत रही आज की थीम

लेशी सिंह ने कहा कि, बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 के माध्यम से पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाया गया है। वार्ड स्तरीय निगरानी समितियों एवं स्थायी समितियों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सामाजिक न्याय एवं आधारभूत संरचना जैसे क्षेत्रों में योजनाओं का प्रभावी संचालन एवं निगरानी की जा रही है। आज की थीम “महिला हितैषी ग्राम पंचायत” है। हमारा विश्वास है कि महिलाओं के सशक्तिकरण से ही परिवार, समाज और पंचायत सशक्त होंगे। स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देना, महिला उद्यमिता, कौशल विकास, स्वास्थ्य एवं निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।

स्वच्छ, स्वस्थ और आत्मनिर्भर पंचायत बनाने का आह्वान

उन्होंने बताया कि, पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स (PAI) तथा ई-ग्राम स्वराज जैसे डिजिटल माध्यम पंचायतों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं सुशासन को मजबूत कर रहे हैं। मधुबनी जिले में जल संरक्षण, स्वच्छता, मखाना एवं मत्स्य आधारित आजीविका, डिजिटल पंचायत तथा महिला स्वयं सहायता समूहों को और सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। पंचायत विकास दिवस के अवसर पर लेशी सिंह ने आह्वान करते हुए कहा कि, आइए हम सभी यह संकल्प लें कि जनभागीदारी के माध्यम से मधुबनी जिले की प्रत्येक पंचायत को स्वच्छ, स्वस्थ, आत्मनिर्भर, डिजिटल एवं महिला सशक्त पंचायत बनाएंगे।

विकास कार्यों का हुआ वीडियो प्रदर्शन

कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायतों में संचालित विकास योजनाओं की समीक्षा की गई तथा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप नई विकास योजनाओं के चयन एवं क्रियान्वयन पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। साथ ही स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप पंचायतों के समग्र विकास हेतु कार्ययोजना तैयार की गई। उत्कृष्ट पंचायतों द्वारा किए गए उल्लेखनीय विकास कार्यों का वीडियो प्रदर्शन भी किया गया।

मन की बात का हुआ सामूहिक प्रसारण

इस अवसर पर देश के माननीय प्रधानमंत्री के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” का सामूहिक प्रसारण भी किया गया, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिक जुड़े और प्रधानमंत्री के विचारों को सुना। पंचायत विकास दिवस के अंतर्गत स्थानीयकृत सतत विकास के नौ प्रमुख लक्ष्य-गरीब मुक्त एवं आजीविका उन्नत पंचायत, स्वस्थ पंचायत, बाल हितैषी पंचायत, जल पर्याप्त पंचायत, स्वच्छ एवं हरित पंचायत, आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचा युक्त पंचायत, सामाजिक न्याय एवं सामाजिक रूप से सुरक्षित पंचायत, सुशासन युक्त पंचायत तथा महिला हितैषी पंचायत पर विशेष चर्चा की गई।

नुक्कड़ नाटक के जरिए किया गया जागरूक

बता दें कि आज के पंचायत विकास दिवस की थीम “महिला हितैषी ग्राम पंचायत” रही, जिसके अंतर्गत महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा, सहभागिता एवं नेतृत्व को बढ़ावा देने संबंधी विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की नुक्कड़ नाटक टीम ने गीत संगीत के माध्यम से नशा मुक्ति की लेकर लोगों को जागरूक किया गया।

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