सतीश सिंह, लखनऊ. उत्तर प्रदेश के गांवों में जल संरक्षण के लिए विकसित किए गए अमृत सरोवर अब स्वतंत्रता दिवस के आयोजन के भी केंद्र बनेंगे. 15 अगस्त को प्रदेश के सभी निर्मित और विकसित अमृत सरोवरों व तालाबों पर तिरंगा फहराया जाएगा. सरकार ने इन आयोजनों के जरिए ग्रामीणों, युवाओं और पंचायतों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया है.

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्वतंत्रता दिवस समारोह केवल सरकारी स्तर तक सीमित न रहे, बल्कि गांव-गांव में लोगों की सक्रिय भागीदारी के साथ इसे उत्सव के रूप में मनाया जाए. उनके निर्देश के बाद सभी जिलों को तैयारियां समय से पूरी करने के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं.

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पहले सफाई, फिर तिरंगा

इस बार अमृत सरोवरों पर होने वाले ध्वजारोहण से पहले विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा. ग्राम पंचायतों के माध्यम से सरोवर परिसरों की साफ-सफाई कराई जाएगी. इसके बाद ध्वजारोहण के साथ राष्ट्रप्रेम और देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे. सरकार का जोर इस बात पर है कि अमृत सरोवर केवल जल संरक्षण की परियोजना बनकर न रहें, बल्कि ग्रामीणों के सामुदायिक जीवन और जनभागीदारी के केंद्र के रूप में भी विकसित हों.

पंचायतों को आयोजन की जिम्मेदारी

ग्राम्य विकास विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ग्राम पंचायतों के स्तर पर आयोजन की तैयारियां समय से पूरी कराई जाएं. स्थानीय लोगों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ कार्यक्रमों को व्यवस्थित और गरिमापूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा.आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग की ओर से जिलों के संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. अधिकारियों को आयोजन की तैयारियों और व्यवस्थाओं पर नजर रखने को कहा गया है.

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जल संरक्षण के स्थल से राष्ट्र पर्व के मंच तक

अमृत सरोवर योजना का मूल उद्देश्य गांवों में जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना रहा है. अब इन्हीं स्थलों को स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों से जोड़कर सरकार ग्रामीण स्तर पर राष्ट्रभक्ति और सामुदायिक भागीदारी का संदेश देने की तैयारी में है.