पंचकूला। हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों और पंचकूला क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं। इसी बीच गांव गुमथला से एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है, जहां स्कूल से लौट रहे कई बच्चे उफनती बरसाती नदी के कारण बीच रास्ते में फंस गए। स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बच्चों को सुरक्षित नदी पार कराई, जिसके बाद सभी ने राहत की सांस ली।
दरअसल, गांव गुमथला तक पहुंचने के लिए आज भी कोई पक्का रास्ता या पुल नहीं है। ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को रोजाना गांव से बाहर आने-जाने के लिए बरसाती नदी पार करनी पड़ती है। बारिश के दौरान नदी का जलस्तर अचानक बढ़ जाने से हालात बेहद खतरनाक हो जाते हैं और गांव का संपर्क बाहरी क्षेत्र से कट जाता है।
सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को झेलनी पड़ रही है। उन्हें हर दिन इसी नदी को पार कर स्कूल जाना और वापस लौटना पड़ता है। बरसात के दिनों में तेज बहाव के बीच नदी पार करना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा बन जाता है। गुरुवार को भी इसी कारण बच्चे नदी के किनारे फंस गए, जिन्हें ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाला।
ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से गांव के लिए स्थायी पुल या पक्के रास्ते की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। उनका आरोप है कि हर मानसून में यही स्थिति बनती है और प्रशासन केवल आश्वासन देकर रह जाता है।ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि गांव गुमथला के लिए जल्द से जल्द स्थायी पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि स्कूली बच्चों और ग्रामीणों की जान से खिलवाड़ बंद हो और भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
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