पंचकूला। मोरनी-पिंजौर वन रेंज में रात के अंधेरे में खैर के पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। वन विभाग की टीम ने छापेमारी की तो तस्कर कार से फरार हो गए। जंगल में सर्च अभियान के दौरान 34 खैर के पेड़ कटे मिले। मामले में आठ नामजद समेत 13 तस्करों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

सड़क से डेढ़ किलोमीटर अंदर मिले कटे पेड़
वन विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि जंगल में रात के समय खैर के पेड़ काटे जा रहे हैं। टीम ने मौके पर रेड की, लेकिन तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर कार से फरार हो गए।
इसके बाद वन विभाग की टीम ने जंगल के अंदर सर्च अभियान चलाया। सड़क से करीब 1 से 1.5 किलोमीटर अंदर 26 खैर के पेड़ कटे हुए मिले। जंगल की दूसरी तरफ 8 और खैर के पेड़ भी कटे पाए गए।
पेड़ों के लट्ठे बनाकर सड़क के पास लाए गए
तस्करों ने पेड़ों को काटने के बाद उनके लट्ठे यानी सौरा भी जंगल में ही बना रखे थे। इनमें से कुछ लट्ठों को सड़क के पास लाया गया था। वन विभाग की टीम ने काटे गए सभी पेड़ों को जब्त कर लिया।
वन विभाग के मुताबिक, तस्करों की रेकी के लिए रखे गए विभाग के वॉचमैन की मिलीभगत से यह कटान चल रहा था।
छह महीने पहले भी सामने आया था मामला
पंचकूला में खैर के पेड़ों की कटाई का मामला पहले भी सामने आ चुका है। करीब छह महीने पहले आसरेवाली संरक्षित वन क्षेत्र यानी वाइल्ड लाइफ सैंक्चुरी से भी खैर के पेड़ काट लिए गए थे।
उस मामले के बाद वन मंत्री राव नरबीर सिंह ने वाइल्ड लाइफ डीएफओ राजेंद्र प्रसाद डांगी, टेरिटोरियल डीएफओ विशाल कौशिक और वाइल्ड लाइफ इंस्पेक्टर सुरजीत सिंह को सस्पेंड कर दिया था।
अब 13 तस्करों के खिलाफ कार्रवाई
मोरनी-पिंजौर वन रेंज में सामने आए ताजा मामले में वन विभाग ने कटे हुए पेड़ों को जब्त कर लिया है। आठ नामजद सहित कुल 13 तस्करों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में वन विभाग के वॉचमैन की मिलीभगत भी सामने आई है।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m



