Panchna Dam Dispute: करीब दो दशक से चले आ रहे पांचना बांध के पानी के विवाद को लेकर राजस्थान के जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल से ऐसा समाधान निकाला गया है, जिस पर सभी पक्ष सहमत हैं। उनका कहना है कि अब पानी के बंटवारे को लेकर भविष्य में किसी तरह के विवाद या जातीय तनाव की आशंका नहीं रहेगी।

जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने बताया कि समझौते को अब जमीन पर लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। उनके अनुसार, पांचना बांध के कमांड क्षेत्र के किसानों के लिए 6 जुलाई को पानी छोड़ने का ट्रायल किया जाएगा। वहीं, बांध क्षेत्र के लोगों के लिए प्रस्तावित लिफ्ट परियोजना का शिलान्यास 15 सितंबर तक करने का लक्ष्य रखा गया है।

मंत्री ने कहा कि सरकार ने ऐसा स्थायी समाधान तैयार किया है, जिससे सभी क्षेत्रों के लोगों के हित सुरक्षित रहेंगे और वर्षों से चला आ रहा विवाद खत्म हो जाएगा।

यमुना जल समझौते पर कांग्रेस को घेरा

यमुना जल समझौते को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर भी सुरेश रावत ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जिस मुद्दे का समाधान कांग्रेस अपनी सरकार के कार्यकाल में नहीं कर सकी, उसका रास्ता भाजपा सरकार ने ढाई साल में निकाल लिया। उनके मुताबिक, इसी वजह से कांग्रेस इस समझौते पर सवाल उठा रही है।

राजस्थान को मिलेगा पूरा हक का पानी

जल संसाधन मंत्री ने कहा कि 1994 के यमुना जल समझौते के प्रावधानों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। राजस्थान को उसके हिस्से का पूरा पानी मिलेगा और राज्य के हितों से किसी तरह का समझौता नहीं हुआ है।

उन्होंने दावा किया कि सरकार अपने वादे के मुताबिक दिसंबर 2028 से पहले शेखावाटी क्षेत्र तक यमुना का पानी पहुंचाएगी। यह पानी पेयजल और सिंचाई, दोनों जरूरतों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। मंत्री के अनुसार, सरकार तय समयसीमा के भीतर इस परियोजना को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है।

पढ़ें ये खबरें