Rajasthan News: डीडवाना जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए बड़ी खबर है। गर्मियों की छुट्टियां खत्म होते ही प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। जिले के कुल 61 स्कूलों की इमारतों को बुलडोजर से गिराने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। ये सरकारी स्कूल भवन इतने जर्जर हो चुके थे कि किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। मानसून की पहली बरसात से पहले ही शिक्षा विभाग इन असुरक्षित भवनों को जमींदोज करने की तैयारी में है।

जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) अजीत सिंह देथा के मुताबिक, जिले में 416 स्कूल हैं जिनका मानसून से पहले सर्वे कराया गया था। इसमें 16 भवन पूरी तरह जर्जर मिले और 45 भवनों के हिस्से गिरने की कगार पर हैं। इन सभी 61 स्कूलों में क्लास लगाने पर तुरंत रोक लगा दी गई है। बच्चों को पास के दूसरे सुरक्षित स्कूलों में शिफ्ट किया गया है। जहां बच्चों की संख्या ज्यादा है, वहां दो शिफ्ट में पढ़ाई कराने का प्लान है।
शिक्षा विभाग इस बार कोई रिस्क नहीं लेना चाहता। यह पूरा एक्शन 25 जुलाई 2025 को झालावाड़ में हुए उस दर्दनाक हादसे को ध्यान में रखकर लिया गया है, जिसमें एक स्कूल की जर्जर छत गिरने से 7 मासूमों की जान चली गई थी और 28 बच्चे घायल हो गए थे। विभाग के अधिकारी अब केवल कागजों पर भरोसा नहीं कर रहे, बल्कि खुद स्कूलों की बिल्डिंग का सर्वे कर रहे हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) रूपाराम ने साफ किया है कि बिल्डिंग की स्ट्रक्चरल सेफ्टी को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार उन सभी कमरों में बच्चों को बैठने पर पाबंदी लगा दी है जहां से छत टपकती है या जो असुरक्षित हैं।
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