कवर्धा। पंडरिया विधानसभा के सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन, 3डी प्रिंटिंग और कोडिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों की शिक्षा उनके स्कूलों तक पहुंचकर दी जाएगी। इस दिशा में विधायक भावना बोहरा की पहल ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ के तहत शुरू की गई मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब का शुभारंभ विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने हरी झंडी दिखाकर किया।

गांव-गांव पहुंचेगी हाईटेक मोबाइल लैब

यह अत्याधुनिक मोबाइल लैब पंडरिया विधानसभा के ग्रामीण, वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित शासकीय विद्यालयों के साथ-साथ सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों तक पहुंचेगी। इसका उद्देश्य उन विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराना है, जिन्हें अब तक ऐसी सुविधाओं तक आसानी से पहुंच नहीं मिल पाती थी।

AI, ड्रोन और 3डी प्रिंटिंग का मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण

मोबाइल लैब के साथ पांच प्रशिक्षकों की विशेष टीम प्रत्येक विद्यालय में तीन से पांच दिनों तक कार्यशाला आयोजित करेगी। इस दौरान विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन संचालन, एयरोमॉडलिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), ऑगमेंटेड रियलिटी (AR), वर्चुअल रियलिटी (VR), 3डी प्रिंटिंग और कोडिंग जैसी उभरती तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने पर प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।

एक वर्ष में 5 हजार विद्यार्थियों तक पहुंचने का लक्ष्य

इस पहल का लक्ष्य एक वर्ष के भीतर करीब 5,000 विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ना है। इसके माध्यम से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों को भविष्य की तकनीकों, नवाचार और रोजगार के नए अवसरों से परिचित कराने का प्रयास किया जाएगा।

भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा जरूरी : मुख्यमंत्री

शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि नई शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित ज्ञान देना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य की जरूरतों और बदलती तकनीकों के अनुरूप तैयार करना भी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहलें ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा नया मंच : डॉ. रमन सिंह

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उचित अवसर और संसाधन उपलब्ध कराने की है। उन्होंने कहा कि मोबाइल टेक्नोलॉजी लैब के माध्यम से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों को सीखने और समझने का अवसर मिलेगा, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकेंगे।

संसाधन मिलेंगे तो गांव के बच्चे भी करेंगे बेहतर प्रदर्शन : भावना बोहरा

विधायक भावना बोहरा ने कहा कि ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। यदि उन्हें आधुनिक संसाधन, तकनीकी शिक्षा और सही मार्गदर्शन मिले तो वे भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। उन्होंने बताया कि इसी सोच के साथ ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ की शुरुआत की गई है, ताकि गांव के बच्चों को भी नई तकनीकों से जोड़कर उन्हें भविष्य के लिए तैयार किया जा सके।

पहले से चल रही हैं कई शैक्षणिक पहल

भावना बोहरा ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में उनकी ओर से पहले से कई पहलें संचालित की जा रही हैं। पंडरिया विधानसभा में संचालित 10 निःशुल्क बस सेवाओं के माध्यम से 1,500 से अधिक छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए आवागमन की सुविधा मिल रही है। वहीं ‘लक्ष्य’ निःशुल्क कोचिंग के जरिए लगभग 250 विद्यार्थियों को IIT-JEE, NEET और CGPSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है।

उन्होंने विश्वास जताया कि मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब के माध्यम से क्षेत्र के हजारों विद्यार्थी आधुनिक तकनीकों से जुड़ेंगे और भविष्य में विज्ञान, तकनीक एवं नवाचार के क्षेत्र में नए अवसर प्राप्त कर सकेंगे।

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