रमकंडा (गढ़वा)। पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) से सटे गढ़वा जिले के जंगलों में बाघ की मौजूदगी ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। रमकंडा और भंडरिया वन क्षेत्र में बाघ के पंजों के निशान और उसके शिकार से जुड़े प्रमाण मिलने के बाद वन विभाग ने इलाके में उसकी मौजूदगी की पुष्टि की है।
जंगलों में बढ़ाई गई निगरानी
बाघ की गतिविधियों को देखते हुए पलामू टाइगर रिजर्व समेत आसपास के वन क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। वन विभाग की टीमें संभावित मूवमेंट वाले इलाकों में लगातार निगरानी कर रही हैं।
कैमरा ट्रैप से रखी जा रही नजर
बाघ की सही लोकेशन और उसकी गतिविधियों का पता लगाने के लिए जंगल के अलग-अलग हिस्सों में कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। वनकर्मी लगातार सर्च अभियान चला रहे हैं और बाघ के मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से जंगल की ओर जाने में सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या बाघ के दिखाई देने पर तत्काल विभाग को सूचना देने की अपील की है।



