उत्तर प्रदेश के बागपत निवासी युवक को पानीपत में सस्ती भैंस बेचने के बहाने बुलाकर बंधक बनाया गया और महिला से छेड़छाड़ के झूठे आरोप में फंसाकर नगदी व मोबाइल लूट लिए गए।
पानीपत। भैंस खरीदने आए उत्तर प्रदेश के एक युवक को सस्ती भैंस का लालच देकर घर बुलाना महंगा पड़ गया। आरोप है कि वहां पहले से मौजूद गिरोह ने युवक को कमरे में बंधक बना लिया, उसके साथ मारपीट की और महिला से छेड़छाड़ के झूठे आरोप में फंसाने की धमकी देकर 60 हजार रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और उसके खाते से 6,700 रुपये ट्रांसफर करवा लिए। मामले में पुलिस ने अब गिरोह की दो और आरोपित महिलाओं को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों की पहचान हरिनगर हाल खुशीराम कॉलोनी, इसराना निवासी सीमा और उसकी बेटी रूबी के रूप में हुई है। दोनों को शुक्रवार को इसराना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। इससे पहले इस मामले में जलमाना गांव निवासी अशोक और मनोज तथा सोनीपत के गन्नौर निवासी अमित को गिरफ्तार किया जा चुका है।
थाना मॉडल टाउन प्रभारी इंस्पेक्टर जगमिंदर ने बताया कि उत्तर प्रदेश के बागपत निवासी सचिन सोलंकी ने शिकायत दी थी कि उसने 17 अप्रैल को एक पशु बिक्री ऐप पर भैंस का विज्ञापन देखा था। उसकी बातचीत पानीपत के आरके पुरम निवासी अशोक से हुई और 70 हजार रुपये में सौदा तय हो गया। अगले दिन सचिन भैंस खरीदने के लिए पानीपत पहुंचा, जहां अशोक उसे अपने घर ले गया।
शिकायत के मुताबिक, घर पहुंचते ही कुछ लोगों ने उसे कमरे में घेर लिया और महिला से छेड़छाड़ का झूठा आरोप लगाकर डराने लगे। इसके बाद उसे बंधक बनाकर मारपीट की गई तथा तमंचा और चाकू दिखाकर नकदी, मोबाइल और ऑनलाइन पैसे वसूल लिए गए। पूछताछ में गिरफ्तार मां-बेटी ने पहले गिरफ्तार आरोपितों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

