Parliament Paper Leak: संसद के लोकसभा में पेपर लीक कानून संशोधन बिल (Paper Leak Law Amendment Bill) पर चर्चा हो रही है। चर्चा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच शब्दों के बाण छोड़े जा रहे हैं। सपा चीफ अखिलेश यादव ने भी पेपप लीक चर्चा में भाग लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला। अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा कि जो राम मंदिर का चढ़ावा नहीं बचा बचा सके, वे पेपर लीक कैसे बचाएंगे। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने प्रधान को हटाकर के प्रधानमंत्री को बचा लिया। सरकार की नियत साफ होगी, तब जाकर पेपर साफ होगा।

अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए सपा चीफ अखिलेश यादव ने कहा कि आंदोलन को बहुत दूर से देख रहा था. उस आंदोलन में जीत के बाद एक नारा लगा, सरकार के खिलाफ नारा लगा कि सरकार को अहंकार था कि सरकार झुकती नहीं है। नई पीढ़ी ने नारा दिया कि सरकार भी झुकती है, झुकानेवाला चाहिए। सरकार झुक गई है।

खिलेश यादव ने कहा कि करोड़ों युवाओं की मांग थी कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। धर्मेंद्र प्रधान अब मंत्री नहीं है। जब वे सदन लौटे हैं तो उनका स्वागत हुआ। हमें स्वागत से समस्या नहीं है। कितनी राहत मिली होगी कि एक प्रधान जी को हटाकर के प्रधानमंत्री बचा लिए आपने। यह सरकार कई वर्षों से नकारात्मक राजनीति करती थी। कितने हजार करोड़़ रुपये नकारात्मक प्रचार के लिए खर्चा किया, युवा पीढ़ी को बधाई देता हूं कि युवाओं ने झुका दिया।

अखिलेश यादव ने कहा कि अगर हम यह मानें कि 20 लाख बच्चों ने परीक्षा दी थी। अगर यह मानें कि एक परिवार में पांच लोग हों, तो एक करोड़ लोग होते हैं। हम राजनीतिक लोग हैं. आंदोलन करते हैं तो देखते हैं कि कितनी तैयारी करनी पड़ती है। पहला आंदोलन देखा, जिसमें बच्चों के मां-बाप ने कहा कि जाओ, आंदोलन करो. अगर यह गलत बात है, तो गृह मंत्री को लाइए, वे सब साफ कर देते हैं। जो लोग चढ़ावा नहीं बचा सके, वो लोग पेपर लीक कैसे बचा पाएंगे. भगवान के दरबार से दान गायब हो गया। लोगों की आंखों में धूल झोंक रहे हैं। 20 परीक्षाएं लीक हो गईं। कोर्ट जाना पड़ा, इसके बाद परीक्षाएं रद्द हुईं। यूपी टीईटी का एक नहीं, तीन बार पेपर लीक हुआ। अखिलेश यादव ने पेपर लीक की घटनाओं का सिलसिलेवार तरीके से उल्लेख किया और कहा कि जहां से प्रधानमंत्री चुनकर आते हैं, उस यूपी में भी पेपर लीक हो रहा है। हमें आउटसोर्सिंग से डर लगता है, कहीं ऐसा न हो कि पूरी सरकार आउटसोर्स हो जाए। यही अकाउंटिबिलिटी है आपकी, कि सबसे महत्वपूर्ण संस्था को आउटसोर्स किए हुए हैं आप। एनटीए में सब आउटसोर्स. हमें पता होना चाहिए कि वो कौन लोग थे, जो एनटीए में बैठकर घोटाला कर रहे थे।

अखिलेश-रिजिजू में तकरार, सपा सांसद बोले-इमरजेंसी के बाद परिवर्तन हुआ था

अखिलेश की स्पीच पर किरण रिजिजू ने कहा, अखिलेशजी तो समाजवादी हैं। मैं पूछना चाहता हूं कि छात्रों के आंदोलन के बाद सरकार बिल लेकर आती है, ये अच्छा है या आंदोलन के बाद सरकार उसे कुचलने के लिए इमरजेंसी लगा देती है, वो अच्छा है? अखिलेश यादव का जवाब- इमरजेंसी तो नहीं देखी,लेकिन इमरजेंसी में क्या-क्या हुआ वो दिल्ली में भी देखने को मिल गया। याद दिला दूं इमरजेंसी के बाद परिवर्तन हुआ था इस बार भी परिवर्तन होगा।

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