देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों को लेकर आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। AAP ने हरियाणा में 30 से अधिक पेपर लीक का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी से इस्तीफा मांगा है, वहीं BJP ने पंजाब के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा है।

चंडीगढ़। देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब आम आदमी पार्टी और भाजपा आमने-सामने आ गई हैं। एक ओर AAP ने हरियाणा में भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान 30 से ज्यादा पेपर लीक होने का दावा करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के इस्तीफे की मांग की है। वहीं, भाजपा ने पेपर लीक मामले को लेकर पंजाब सरकार को घेरते हुए वहां के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।

AAP ने पोस्टर जारी कर भाजपा सरकार पर साधा निशाना

AAP नेता अनुराग ढांडा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्टर जारी करते हुए हरियाणा की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। पोस्टर में दावा किया गया है कि वर्ष 2014 से 2026 के बीच हरियाणा में 30 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं।

AAP के मुताबिक, इनमें से ज्यादातर मामले भर्ती परीक्षाओं से जुड़े रहे हैं। पार्टी का आरोप है कि पेपर लीक होने के कारण हजारों युवाओं की मेहनत बर्बाद हुई और उन्हें समय पर रोजगार नहीं मिल पाया।

पोस्टर में क्लर्क भर्ती, ग्रुप-C, पुलिस कांस्टेबल, सब इंस्पेक्टर, ग्राम सचिव, डेंटल सर्जन, वेटरनरी सर्जन, HCS, CET, HTET, TGT-PGT समेत कई भर्ती और परीक्षाओं का उल्लेख किया गया है।

अनुराग ढांडा बोले- नायब सैनी तुरंत इस्तीफा दें

AAP नेता अनुराग ढांडा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर निशाना साधते हुए कहा कि हरियाणा में भाजपा सरकार के कार्यकाल में 30 से ज्यादा पेपर लीक हो चुके हैं। उनका आरोप है कि इन घटनाओं के चलते युवाओं को रोजगार नहीं मिल पाया।

ढांडा ने मुख्यमंत्री नायब सैनी के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि उन्हें तुरंत प्रभाव से पद छोड़ देना चाहिए। साथ ही उन्होंने भाजपा से भी ऐसे मुख्यमंत्री को हटाने की मांग की, जिसे उन्होंने सरकार चलाने में नाकाम बताया।

AAP नेता ने युवाओं के भविष्य और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।

BJP का पलटवार- पहले पंजाब सरकार दे जवाब

वहीं, दूसरी ओर भाजपा ने AAP के आरोपों पर पलटवार करते हुए पंजाब में सामने आए पेपर लीक के मामलों को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। भाजपा पंजाब के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है।

भाजपा का कहना है कि पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों पर आम आदमी पार्टी को केवल राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय अपने शासन वाले राज्यों में भी जवाब देना चाहिए। भाजपा ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से भी इस मामले में सामने आकर जवाब देने की मांग की है।

एक-दूसरे के राज्यों में पेपर लीक पर घेराबंदी

पेपर लीक का मुद्दा अब केवल परीक्षा और भर्ती व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सीधे तौर पर राजनीतिक लड़ाई का मुद्दा बन गया है। AAP हरियाणा में भाजपा सरकार को घेरते हुए 30 से अधिक पेपर लीक मामलों का आरोप लगा रही है, जबकि भाजपा पंजाब में पेपर लीक को लेकर AAP सरकार से जवाब मांग रही है।

इस बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद यह मुद्दा और भी गरमा गया है। विपक्षी दलों का कहना है कि लगातार पेपर लीक होने से युवाओं का परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हुआ है। वहीं, सत्तापक्ष विपक्षी राज्यों में सामने आए ऐसे मामलों को लेकर पलटवार कर रहा है।

अब बड़ा सवाल यह है कि पेपर लीक के मुद्दे पर राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहेंगे या फिर युवाओं के भविष्य को प्रभावित करने वाली इस समस्या के खिलाफ कोई ऐसा कठोर और प्रभावी सिस्टम तैयार होगा, जिसमें दोषियों को जल्द सजा मिले और भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता बहाल हो सके।